रिपोर्टर – फारुक शिद्दीकी
Ghaziabad Breaking: साहिबाबाद क्षेत्र के शाईद नगर में स्थित मशहूर “बंगाली नारी वाले” के नाम से चर्चित रियाज़ अहमद का बंगाली होटल इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है।
इलाके में लंबे समय से संचालित यह होटल फैक्टरियों में काम करने वाले मज़दूरों और आम राहगीरों का प्रमुख ठिकाना माना जाता है। लेकिन यहां की साफ-सफाई की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
Ghaziabad Breaking: स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों और खाने वालों का आरोप है कि यहां पर सफाई केवल दिखावे के लिए की जाती है। हकीकत यह है कि होटल के अंदर और बाहर गंदगी का अंबार लगा रहता है। होटल की रसोई और बैठने की जगह की हालत देखकर ऐसा लगता है मानो खाना नहीं बल्कि गंदगी परोसी जा रही हो। इस लापरवाही से इलाके में बीमारी फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
Ghaziabad Breaking: मज़दूरों की मजबूरी
फैक्टरियों में काम करने वाले मज़दूर बताते हैं कि काम की भाग-दौड़ के चलते वे इसी होटल में खाना खाने को मजबूर हैं। कई मज़दूरों ने शिकायत की कि यहाँ बर्तनों की सही तरीके से धुलाई नहीं होती, पानी गंदा इस्तेमाल होता है और खाने में कई बार बदबू आती है। लेकिन सस्ता खाना मिलने की वजह से उनकी मजबूरी बनी हुई है।

Ghaziabad Breaking: तंबाकू के साथ परोसा जाता है खाना
होटल की एक और बड़ी समस्या यह है कि खाना परोसने वाले कर्मचारियों के मुंह में हमेशा गुटखा या तंबाकू भरा रहता है। खाना परोसते समय कई बार तंबाकू का रस या बचा हुआ हिस्सा खाने में गिर जाता है। यह न केवल गंदगी है बल्कि सीधा-सीधा लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस बारे में कई बार होटल मालिक से कहा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
Ghaziabad Breaking: प्रशासन पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि फूड विभाग और नगर निगम की टीम ने अब तक इस होटल पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है। सफाई के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे होटल संचालक बेफिक्र होकर गंदगी फैलाता रहता है। सवाल यह है कि जब यह होटल इतने लंबे समय से चल रहा है और गंदगी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, तो प्रशासन क्यों चुप्पी साधे हुए है।
Ghaziabad Breaking: बीमारी का खतरा
डॉक्टरों का मानना है कि गंदगी और तंबाकू जैसी चीजों के मिल जाने से खाना पूरी तरह दूषित हो जाता है। इससे पेट के संक्रमण, फूड पॉयजनिंग, डायरिया, टायफाइड जैसी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। क्षेत्र में छोटे बच्चों और मजदूरों के बीमार पड़ने की संभावना सबसे ज्यादा है।
Ghaziabad Breaking: अब देखना होगा कार्रवाई होती है या नहीं
स्थानीय लोगों की मांग है कि गाज़ियाबाद फूड विभाग और नगर निगम तुरंत इस होटल की जांच करे और अगर नियमों का पालन नहीं हो रहा तो होटल को बंद किया जाए। सवाल यह भी है कि आखिर कब तक मजदूरों और गरीब लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर इस तरह गंदगी और बीमारी परोसी जाएगी। अब लोगों की निगाहें प्रशासन और फूड विभाग पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कब और कैसी कार्रवाई करते हैं।
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