रिपोर्टर- फारुक शिद्दीकी
गाजियाबाद के लोनी इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल यहां 23 वर्षीय एक युवती, जो मानसिक रूप से कमजोर थी और साथ ही बोलने व सुनने में भी अक्षम थी। उसे Gang Rape का शिकार बनाया गया था, इसके बाद से ही युवती गहरे सदमे में आ गई थी और अब उसने आत्महत्या कर ली हैं।
इस घटना के बाद पीड़िता ने बीती रात अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस पूरे मामले ने न केवल इलाके में सनसनी फैला दी है बल्कि एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस केस में अंदशा लगाया जा रहा हैं कि पुलिस किसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली हैं।
घर लौटते वक्त हुआ हादसा
पीड़िता के परिजनों के अनुसार, बीते दिनों युवती घर से निकली थी लेकिन रास्ता भटक गई। जब वह घर लौटने का रास्ता ढूंढ रही थी, तो उसने एक बाइक सवार युवक से लोनी जाने का रास्ता पूछा। आरोपी युवक ने युवती की कमजोरी और लाचारी का फायदा उठाते हुए उसे मदद का भरोसा दिलाया और अपनी बाइक पर बैठा लिया। लेकिन घर छोड़ने की बजाय वह युवती को निठौरा गांव के जंगल में ले गया। यहां पहले से मौजूद उसके दो अन्य साथियों के साथ मिलकर तीनों ने बारी-बारी से युवती से दुष्कर्म किया।

आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
युवती किसी तरह अपने घर पहुंची और घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिवार ने तुरंत पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने गैंगरेप का मामला दर्ज किया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। परिवार का आरोप है कि आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी और ढीली कार्रवाई ने पीड़िता को मानसिक रूप से तोड़ दिया, जिसके चलते उसने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया।
पीड़ित परिवार की मीडिया से बातचीत
पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, पीड़िता के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी बेटी पहले ही मानसिक रूप से कमजोर थी और समाज में बदनामी का डर उसे और परेशान कर रहा था। समय रहते आरोपियों को पकड़ा जाता और न्याय की उम्मीद बंधती तो शायद उनकी बेटी आज जिंदा होती।
सुरक्षा और आर्थिक मदद देने की अपील
इस घटना ने एक बार फिर समाज और प्रशासन को आईना दिखा दिया है कि संवेदनशील मामलों में त्वरित न्याय और सख्त कार्रवाई कितनी जरूरी है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी सजा देने की मांग की है। साथ ही, प्रशासन से पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आर्थिक मदद देने की अपील भी की गई है।
महिला सुरक्षा पर उठा सवाल
गाजियाबाद के लोनी में हुई यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चेतावनी है कि कमजोर और लाचार महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए हमें कितनी गहरी जिम्मेदारी उठानी होगी। यह दुखद घटना बताती है कि जब तक अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और शीघ्र न्याय सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना कठिन है।
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