Dog Bite : सुप्रीम कोर्ट ने जब से दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को शेलटर होम में रखने का फैसला दिया हैं। देशभर से पशु प्रेमी इस फैसले की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
बॉलीवूड एक्टर जॉन अब्राहम, जान्हवी कपूर, वरुण धवन, वीर दास और रवीना टंडन ने भी इस मामले में आए आदेश पर चिंता जताई हैं। इस फैसले के बाद से ही सोशल मीडिया पर हजारों की तादाद मे लोग अपने विचार वयक्त कर रहे हैं। लेकिन क्या आपको पता हैं कि गाजियाबाद में एक दिन में कितने लोगोंं को कुत्तों के आतंक का सामना करना पड़ता हैं।
पार्कों और सोसाइटियों मेंं निकलने से डरते हैं लोग
गाजियाबाद में आवारा कुत्तों का आतंक गंभीर समस्या बनता जा रहा है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा और मानसिक शांति दोनों पर असर पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2022 से जुलाई 2025 तक 3 लाख से अधिक डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं, जो यह दर्शाता है कि हर तीन मिनट में एक व्यक्ति इस खतरे का शिकार हो रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोग पार्कों और सोसाइटियों में बाहर निकलने से भी डरने लगे हैं।

नाकाफी साबित हो रही नसबंदी
हालांकि नगर निगम द्वारा बधियाकरण(नसबंदी) जैसे उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन वे मौजूदा हालात को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त नहीं साबित हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद उम्मीद की जा रही है कि नगर निगम इस दिशा में ठोस और प्रभावी रणनीति तैयार करेगा।
अभी क्या काम कर रहा हैं नगर निगम ?
दो एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की मौजूदगी और हर महीने करीब 1500 कुत्तों का बधियाकरण किए जाने के बावजूद, कुत्तों की बढ़ती संख्या पर लगाम नहीं लग पा रही है।
नागरिक सुरक्षा के लिए जल्द चाहिए समाधान
अब समय आ गया है कि नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और समाज के लोग मिलकर इस समस्या का समाधान निकालें, ताकि गाजियाबाद के नागरिक सुरक्षित और निडर होकर जीवन जी सकें।