Artificial Intelligence: गाज़ियाबाद में राज्यकर विभाग (जीएसटी) के पोर्टल पर लगी फिल्टर एआई ने लगभग की 250 करोड़ की टैक्स गड़बड़ी का पर्दाफाश किया है। बता दें की एआई के माध्यम से बिल में एक रुपये के अंतर को भी पकड़ लिया जा रहा है।
एक- एक पैसे का हिसाब भी पकड़ा जा रहा
Artificial Intelligence: राज्य कर विभाग ने जीएसटी पोर्टल पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) का फिल्टर लगाया हुआ है इससे रूपए तो छोड़िये एक एक पैसे का भी फ़र्क़ पकड़ा जा रहा है। वहीं, कई ऐसे भी व्यापारी मिले हैं जिन्होंने सही बिल शो नहीं किया है। उनके टैक्स की दोबारा से गणना की जाएगी। एआई के माध्यम से जीएसटी आर से लेकर जीएसटी आर-3 बी तक के आकड़ों का मिलान किया जा रहा है। इसके अलावा ई-वे बिल का निकलने वाले माल के साथ मिलान किया जा रहा है। इसमें कम अधिक माल कम बिल के साथ तो नहीं निकल गया है।

राठी स्टील द्वारा की गई गड़बड़ी भी पकड़ी गई थी
Artificial Intelligence: विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक एआई के जरिए जीएसटी आर से आर-3 बी तक का मिलान किया जा रहा है। कई बार ऐसे भी मामले सामने आते हैं कि गाडी में माल ज्यादा रकम का होता है और ई-वे कम का। बता दें की इससे पहले राठी स्टील में भी एआई के माध्यम से नौ करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई थी। उसने अधिक माल बेचकर बिल में कम दिखाया था। जिसके कारण यह गड़बड़ी राज्यकर के अधिकारियों को पता चली थी।
सोच समझ कर करें एआई का इस्तेमाल:
Artificial Intelligence: किसी भी स्थिति या निर्णय के होने वाले फायदे और नुक्सान पर विचार करते समय, हमें उन संभावित परिणामों को समझना जरूरी है जो किसी विशेष क्रिया से उत्पन्न हो सकते हैं।
Artificial Intelligence: फायदे: जब हम किसी निर्णय के बारे में सोचते हैं, तो हम उसके सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं। फायदे में विकास, सफलता, खुशहाली, और अवसरों का विस्तार शामिल हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, शिक्षा प्राप्त करने से करियर में सफलता मिल सकती है, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। ये फायदे व्यक्ति की समग्र उन्नति के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
Artificial Intelligence: नुक्सान: वहीं, किसी निर्णय के साथ संभावित नुक्सान भी होते हैं। अगर कोई निर्णय गलत हो, तो समय, संसाधन, या अवसर का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, किसी क्रिया के परिणामस्वरूप भावनात्मक या मानसिक तनाव, रिश्तों में दरार, या अन्य प्रतिकूल प्रभाव उत्पन्न हो सकते हैं। जैसे कि अत्यधिक जोखिम लेना, नुकसान का कारण बन सकता है।
यह भी पढ़ें:-
https://lokhitkranti.com/ghaziabad-news-who-is-the-new-dm-of-ghaziabad-deepak-meena/



