UPSC CSE 2026 New Rules: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 को लेकर एक और अहम बदलाव किया है। इस बार आयोग का फोकस केवल चयन प्रक्रिया नहीं, बल्कि दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए समान और सुगम अवसर सुनिश्चित करना है। UPSC ने परीक्षा केंद्र आवंटन व्यवस्था में संशोधन करते हुए यह साफ कर दिया है कि अब मानक दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों को उनका पसंदीदा परीक्षा केंद्र (UPSC CSE 2026 New Rules) अनिवार्य रूप से आवंटित किया जाएगा। यह फैसला उन हजारों दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए राहत भरा है, जिन्हें अब तक केंद्रों की सीमित क्षमता के कारण दूर-दराज के शहरों में परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ता था।
दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए क्या बदला?
नई व्यवस्था के तहत UPSC ने परीक्षा केंद्रों पर दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए सीटों की अधिकतम सीमा समाप्त कर दी है। यानी अब किसी भी केंद्र पर (UPSC CSE 2026 New Rules) दिव्यांग अभ्यर्थियों की संख्या सीमित नहीं होगी।
- शुरुआत में केंद्र की मौजूदा क्षमता का उपयोग सभी अभ्यर्थियों के लिए होगा
- एक बार केंद्र की सामान्य क्षमता भर जाने के बाद
- गैर-दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए वह केंद्र बंद हो जाएगा
- लेकिन दिव्यांग अभ्यर्थी उस केंद्र का चयन कर सकेंगे
- आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था भी की जाएगी
इसका सीधा फायदा यह होगा कि दिव्यांग उम्मीदवारों को आखिरी समय में केंद्र बदलने या लंबी यात्रा करने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
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क्यों जरूरी था यह बदलाव?
UPSC अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि पिछले पांच वर्षों के परीक्षा आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया कि कुछ प्रमुख शहरों के केंद्र बहुत जल्दी अपनी अधिकतम क्षमता तक पहुंच जाते हैं। इनमें शामिल हैं-
- दिल्ली
- पटना
- लखनऊ
- कटक
इन केंद्रों की अधिक मांग के कारण दिव्यांग उम्मीदवारों को असुविधा होती थी। नई व्यवस्था इसी समस्या को दूर करने के लिए लाई गई है, ताकि कोई भी उम्मीदवार शारीरिक अक्षमता के कारण अवसर से वंचित न रहे।
परीक्षा से जुड़ी अहम तारीखें और आंकड़े
- सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 – 24 मई
- कुल रिक्तियां – 933 पद
- दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित पद – 33
UPSC ने स्पष्ट किया है कि सिविल सेवा परीक्षा 2026 और भारतीय वन सेवा परीक्षा 2026 दोनों में यह संशोधित व्यवस्था लागू होगी।
एक और बड़ा फैसला: IAS/IFS अधिकारी नहीं दे सकेंगे परीक्षा
इस बदलाव से एक दिन पहले UPSC ने एक और अहम घोषणा की थी। आयोग के अनुसार, जो उम्मीदवार पहले से IAS या IFS में कार्यरत हैं, वे 2026 की सिविल सेवा परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं होंगे। इस निर्णय को अवसरों के समान वितरण और सिस्टम में पारदर्शिता (UPSC CSE 2026 New Rules) से जोड़कर देखा जा रहा है।
नया ऑनलाइन आवेदन पोर्टल लॉन्च
UPSC ने परीक्षा प्रक्रिया को और सरल और पारदर्शी बनाने के लिए एक नया ऑनलाइन आवेदन पोर्टल भी शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए-
- आवेदन प्रक्रिया आसान होगी
- परीक्षा से जुड़े सभी चरण एक ही प्लेटफॉर्म पर होंगे
- उम्मीदवारों को बेहतर ट्रैकिंग और अपडेट्स मिलेंगे
आयोग का मानना है कि डिजिटल सिस्टम से न सिर्फ उम्मीदवारों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि परीक्षा की सुरक्षा और विश्वसनीयता भी मजबूत होगी।
सिर्फ परीक्षा नहीं, सोच में बदलाव
UPSC का यह कदम दिखाता है कि आयोग अब केवल मेरिट ही नहीं, बल्कि समावेशिता और संवेदनशील प्रशासनिक सोच को भी प्राथमिकता दे रहा है। दिव्यांग उम्मीदवारों (UPSC CSE 2026 New Rules) के लिए पसंदीदा केंद्र की गारंटी एक नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि यह संदेश है कि प्रशासनिक सेवाओं के दरवाजे सभी के लिए समान रूप से खुले हैं।
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