How to Become a Pilot: बचपन में आसमान में उड़ते विमान को देखकर कई बच्चों के मन में एक ही ख्याल आता है-काश हम भी पायलट बन पाते। पायलट का पेशा न केवल रोमांच और प्रतिष्ठा से भरा होता है, बल्कि यह जिम्मेदारी और कौशल की भी बड़ी परीक्षा है। आज के समय में एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और पायलट की मांग भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अगर आप भी विमान उड़ाने का सपना देखते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि पायलट बनने का रास्ता क्या है, कौन-सी पढ़ाई करनी होती है और कितना खर्च आता है। इस लेख में हम आपको पायलट बनने की पूरी प्रक्रिया (How to Become a Pilot) आसान भाषा में समझा रहे हैं।
12वीं के बाद शुरू होती है पायलट बनने की तैयारी
पायलट बनने (How to Become a Pilot) के लिए सबसे पहला कदम सही विषयों के साथ पढ़ाई करना है। इसके लिए छात्र को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है। हालांकि इसके लिए एक महत्वपूर्ण शर्त भी है। छात्र को साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई करनी होती है और उसके विषयों में फिजिक्स, गणित और अंग्रेजी होना अनिवार्य है। इसके साथ ही इन विषयों में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना भी जरूरी माना जाता है। अगर किसी छात्र ने 12वीं में ये विषय नहीं लिए हैं, तो वह सीधे तौर पर पायलट बनने के लिए पात्र नहीं माना जाता। इसी कारण से जो छात्र पायलट बनने का सपना देखते हैं, उन्हें 10वीं के बाद 11वीं में विषयों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
Read More: दिल्ली के सर्वोदय विद्यालयों में एडमिशन इस तारीख से शुरू, जानें आवेदन प्रक्रिया
पायलट बनने के लिए न्यूनतम आयु
पायलट बनने की प्रक्रिया (How to Become a Pilot) में उम्र की भी अहम भूमिका होती है। अगर कोई छात्र छात्र पायलट लाइसेंस यानी Student Pilot License (SPL) के लिए आवेदन करना चाहता है, तो उसकी न्यूनतम आयु 16 वर्ष होनी चाहिए। वहीं अगर कोई उम्मीदवार कमर्शियल पायलट लाइसेंस यानी Commercial Pilot License (CPL) लेना चाहता है, तो उसके लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष तय की गई है।
फ्लाइंग स्कूल से मिलती है ट्रेनिंग
12वीं के बाद उम्मीदवार को DGCA (Directorate General of Civil Aviation) से मान्यता प्राप्त फ्लाइंग स्कूल या एविएशन अकादमी में प्रवेश लेना होता है। भारत में कई फ्लाइंग स्कूल पायलट बनने की ट्रेनिंग देते हैं। इन संस्थानों में छात्रों को विमान उड़ाने की तकनीक, एविएशन नियम, मौसम की जानकारी और सुरक्षा प्रक्रियाओं की ट्रेनिंग दी जाती है। आमतौर पर एक अच्छे फ्लाइंग स्कूल में ट्रेनिंग की अवधि करीब 14 से 15 महीने होती है। जहां तक खर्च की बात है, तो भारत में पायलट ट्रेनिंग का खर्च लगभग 50 से 55 लाख रुपये तक हो सकता है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उम्मीदवार लाइसेंस प्राप्त कर पायलट (How to Become a Pilot) के रूप में करियर की शुरुआत कर सकते हैं।
पायलट बनने के लिए मेडिकल फिटनेस जरूरी
पायलट बनने (How to Become a Pilot) के लिए केवल पढ़ाई और ट्रेनिंग ही काफी नहीं होती, बल्कि उम्मीदवार का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना भी जरूरी होता है। पायलट बनने के इच्छुक उम्मीदवारों की आंखों की रोशनी अच्छी होनी चाहिए और उन्हें किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा मेडिकल सर्टिफिकेट केवल DGCA द्वारा अधिकृत डॉक्टर से ही बनवाना होता है। किसी अन्य डॉक्टर का मेडिकल प्रमाणपत्र मान्य नहीं होता।
पायलट बनने के लिए लाइसेंस के प्रकार
एविएशन क्षेत्र में पायलट बनने के लिए तीन मुख्य प्रकार के लाइसेंस होते हैं।
- Student Pilot License (SPL): यह पायलट बनने का शुरुआती लाइसेंस होता है। इससे छात्र को ट्रेनिंग के दौरान उड़ान से जुड़ी शुरुआती प्रक्रियाएं सीखने का मौका मिलता है।
- Private Pilot License (PPL): इस लाइसेंस के तहत उम्मीदवार को निजी विमान उड़ाने की अनुमति मिलती है। हालांकि इससे कमर्शियल एयरलाइन में नौकरी नहीं मिलती।
- Commercial Pilot License (CPL): यह सबसे महत्वपूर्ण लाइसेंस होता है। इसे प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 200 घंटे की उड़ान का अनुभव होना जरूरी होता है और साथ ही लिखित परीक्षा भी पास करनी होती है।
एक सफल पायलट बनने के लिए जरूरी स्किल्स
- पायलट (How to Become a Pilot) का काम केवल विमान उड़ाना ही नहीं होता, बल्कि कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी होती हैं।
- इसलिए एक अच्छे पायलट में कई जरूरी स्किल्स होना जरूरी है। इनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, निर्णय लेने की क्षमता और बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स शामिल हैं।
- इसके अलावा दबाव की स्थिति में शांत रहकर सही फैसला लेने की क्षमता भी बेहद जरूरी होती है।
- एक कुशल पायलट वही होता है जो एयर ट्रैफिक कंट्रोल, अपने क्रू मेंबर्स और ग्राउंड स्टाफ के साथ बेहतर तालमेल बनाकर सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित कर सके।
- अगर आपके अंदर ये गुण हैं और आसमान में उड़ान भरने का जुनून है, तो पायलट बनना आपके लिए एक शानदार करियर विकल्प साबित हो सकता है।
Also Read: 10वीं के बाद करियर की स्मार्ट शुरुआत, कम समय में जॉब दिलाने वाले 5 दमदार कोर्स



