Delhi Vidhansabha Election 2025 : 27 सालों बाद बीजेपी का बनवास खत्म हो चुका है। मतलब यह की हाल ही में 5 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में 48 सीट हासिल कर भारतीय जनता पार्टी अब प्रचंड बहुमत के साथ दिल्ली में अपनी सरकार बनाने जा रही है। मजे की बात कि ये है जिस अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को चुनौती देते हुए कहा था कि आप कभी भी दिल्ली में अपनी सरकार नहीं बना सकते वह केजरीवाल अपनी नई दिल्ली सीट से खुद चुनाव हार गए। और अंत में उन्होंने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि जनता का फैसला सर माथे पर और बीजेपी को जीत की बधाई। हार की लिस्ट में उन दिग्गज नेताओं का नाम भी शामिल है जो हाल ही में घोटाले के आरोपों में जेल से बाहर आए थे। जिसमें मनीष सिसोदिया सत्येंद्र जैन शामिल है हालांकि पार्टी की इज्जत बचाते हुए अतिथि मालीवाल ने कालकाजी सीट से भाजपा प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी को हराकर जीत हासिल कर ली।
Delhi Vidhansabha Election 2025 : अस्तित्व क्यों नहीं बचा पाई आप ?
लेकिन अब सवाल है कि 2014 में मोदी लहर के बावजूद जिस पार्टी ने भारी मतों के साथ जीत हासिल की थी। वह पार्टी जो 2019 में बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता के बाद भी जीत गई थी। वह पार्टी आखिर 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में अपना अस्तित्व क्यों नहीं बचा पाई। वह भी तब जब लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी कमजोर साबित हुई थी। आम आदमी पार्टी की दिल्ली विधानसभा चुनावों में जो दुर्गति हुई उसके पीछे वैसे तो बहुत से कारण गिनाए जा रहे हैं पर अरविंद केजरीवाल की छवि को सबसे अधिक डेंट किया पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ सीएम हाउस में हुई मारपीट ने। शायद यही कारण रहा कि अरविंद केजरीवाल की हार के बाद मालीवाल ने अपने एक्स हैंडल पर महाभारत में द्रोपदी के चीरहरण की तस्वीर बिना कैप्शन के पोस्ट की जिसमें वह संदेश दे रही थीं। कि अरविंद केजरीवाल पूरी कायनात से लड़ सकते थे, पर एक स्त्री की हाय से नहीं।

वहीं दूसरी तरफ जन सुराज पार्टी के प्रमुख और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर आम आदमी पार्टी की हार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहते है कि शराब नीति मामले में जमानत मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना एक बड़ी गलती थी। जिसकी पार्टी को भारी कीमत चुकानी पड़ी।



