Delhi Old Vehicles Ban: राजधानी दिल्ली में पुराने वाहनों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की तैयारी हो चुकी है। अगर आपके पास 10 साल पुरानी डीजल कार या 15 साल से ज्यादा पुरानी पेट्रोल कार है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दिल्ली परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे वाहनों को सड़क पर चलते या सार्वजनिक स्थान पर खड़ा पाए जाने पर बिना किसी पूर्व नोटिस के जब्त कर स्क्रैप (Delhi Old Vehicles Ban) किया जा सकता है। यह कदम राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में एक बड़े अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
14 फरवरी को जारी हुआ सार्वजनिक नोटिस
परिवहन विभाग ने 14 फरवरी को जारी एक सार्वजनिक नोटिस में साफ शब्दों में कहा है कि End of Life (EOL) श्रेणी में आने वाले वाहनों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। EOL यानी वे वाहन जो तय आयु सीमा पूरी कर चुके हैं-
- 10 साल से अधिक पुरानी डीजल गाड़ियां
- 15 साल से अधिक पुरानी पेट्रोल गाड़ियां
नोटिस के मुताबिक, अगर ऐसी गाड़ियां दिल्ली की सड़कों पर चलती या सार्वजनिक स्थान पर खड़ी मिलती हैं, तो उन्हें तत्काल जब्त कर अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर भेजा जाएगा।
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प्रदूषण नियंत्रण पर सरकार का फोकस
दिल्ली सरकार का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के मानकों को सख्ती (Delhi Old Vehicles Ban) से लागू करने के उद्देश्य से लिया गया है। दिल्ली लंबे समय से वायु गुणवत्ता के गंभीर स्तर से जूझ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने वाहनों से निकलने वाला धुआं और पार्टिकुलेट मैटर प्रदूषण का बड़ा स्रोत है। ऐसे में BS-III और उससे कम उत्सर्जन मानक वाली गाड़ियों को हटाना सरकार की प्राथमिकता बन गया है। सरकार का तर्क है कि यदि नियमों को कड़ाई से लागू नहीं किया गया, तो प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास प्रभावी नहीं हो पाएंगे।
बिना नोटिस होगी कार्रवाई
सबसे अहम बात यह है कि इस बार वाहन मालिकों को कोई पूर्व सूचना या चेतावनी नहीं दी जाएगी। नोटिस में साफ कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन सीधे जब्त कर स्क्रैप कर दिए जाएंगे। यह कदम कई वाहन मालिकों के लिए चौंकाने वाला हो सकता है, खासकर उनके लिए जिन्होंने अभी तक अपनी गाड़ी को हटाने या स्थानांतरित करने का निर्णय नहीं लिया है।
कार्रवाई से बचने का क्या है विकल्प?
परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को एक विकल्प भी दिया है। यदि कोई व्यक्ति अपनी पुरानी गाड़ी को दिल्ली से बाहर किसी अन्य राज्य में चलाना चाहता है, तो उसे पहले नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना होगा। NOC लेने के बाद ही वाहन को NCR से बाहर ले जाया जा सकता है। बिना NOC के वाहन ले जाने पर भी कानूनी कार्रवाई संभव है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह आखिरी मौका है जब वाहन मालिक स्वयं पहल करके कानूनी दायरे में समाधान निकाल सकते हैं।
जल्द शुरू होगा विशेष अभियान
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में EOL वाहनों को हटाने के लिए एक विशेष अभियान जल्द शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत राजधानी के विभिन्न इलाकों में चेकिंग बढ़ाई जाएगी और बड़े पैमाने पर पुराने वाहनों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। संभावना है कि रिहायशी कॉलोनियों, मार्केट एरिया और सार्वजनिक पार्किंग स्थलों में भी निरीक्षण तेज किया जाएगा।
क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने वाहनों पर सख्ती जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही स्क्रैपिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना भी उतना ही आवश्यक है।कुछ विशेषज्ञ यह भी सुझाव दे रहे हैं कि सरकार को मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए वाहन बदलने में प्रोत्साहन या स्क्रैपिंग इंसेंटिव की योजना पर विचार करना चाहिए।
वाहन मालिक क्या करें?
यदि आपकी गाड़ी EOL श्रेणी में आती है, तो तुरंत ये कदम उठाएं-
- वाहन की रजिस्ट्रेशन तारीख जांचें
- NOC की प्रक्रिया शुरू करें (यदि बाहर ले जाना चाहते हैं)
- अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर की जानकारी जुटाएं
- किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें, आधिकारिक वेबसाइट या विभाग से जानकारी लें
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की लड़ाई अब नए चरण में प्रवेश कर चुकी है। पुराने वाहनों के खिलाफ सख्त (Delhi Old Vehicles Ban) रुख यह संकेत देता है कि सरकार अब नियमों के पालन में कोई ढील नहीं देने वाली। ऐसे में वाहन मालिकों के लिए जरूरी है कि वे समय रहते निर्णय लें, वरना बिना नोटिस जब्ती और स्क्रैपिंग की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
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