Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली के चर्चित एक्साइज पॉलिसी मामले में सोमवार को एक बड़ा डेवलपमेंट हुआ। दिल्ली हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल समेत 23 लोगों को नोटिस जारी किया। यह नोटिस सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की तरफ से फाइल की गई एक पिटीशन की सुनवाई के दौरान जारी किया गया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले में CBI ऑफिसर के खिलाफ फिलहाल कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा। कोर्ट ने सभी आरोपियों से जवाब भी मांगा है। इस पूरे डेवलपमेंट ने एक बार फिर Delhi Liquor Policy Case को नेशनल पॉलिटिक्स के सेंटर में ला दिया है।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी 2021 शुरू से ही विवादों में रही है। आरोप था कि इस पॉलिसी से कुछ प्राइवेट कंपनियों को गलत फायदा पहुंचाया गया। इस आरोप के आधार पर, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने जांच शुरू की।
जांच एजेंसियों का दावा है कि पॉलिसी बनाने और लागू करने के दौरान नियमों में बदलाव करके कुछ खास बिजनेस को फायदा पहुंचाया गया। इस जांच से जुड़ा एक केस अब कोर्ट में चल रहा है, और Delhi Liquor Policy Case देश की सबसे विवादित पॉलिटिकल जांचों में से एक बन गया है।
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हाई कोर्ट ने क्यों किया नोटिस जारी?
सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने CBI की एक पिटीशन पर सुनवाई की। एजेंसी ने कुछ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पिटीशन दायर की थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पार्टियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल समेत 23 लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। इस फैसले के बाद, Delhi Liquor Policy Case में कानूनी प्रक्रिया का अगला फेज शुरू हो गया है।
CBI ऑफिसर पर कार्रवाई से कोर्ट ने किया मना
सुनवाई के दौरान एक अहम मुद्दा CBI ऑफिसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग थी। याचिका में जांच के दौरान प्रोसीजरल गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया था।
हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल इस मांग को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस स्टेज पर CBI ऑफिसर के खिलाफ कोई कार्रवाई करना सही नहीं होगा। कोर्ट के इस फैसले से जांच एजेंसी को राहत मिली है और Delhi Liquor Policy Case में जांच का प्रोसेस जारी रहेगा।
किसको मिला नोटिस?
कोर्ट ने इस केस में कुल 23 लोगों को नोटिस जारी किया है। इन लोगों में नेता, अधिकारी और बिजनेसमैन शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, सुनवाई के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा अरविंद केजरीवाल के नाम की हुई, क्योंकि वे दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं और इस मामले में कई बार जांच एजेंसियों के निशाने पर आ चुके हैं।
जानकारों का कहना है कि अगर इस केस में कोई बड़ा फैसला आता है, तो इसका असर दिल्ली की पॉलिटिक्स पर पड़ सकता है। फिलहाल, Delhi Liquor Policy Case कोर्ट में पेंडिंग है।
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राजनीति में फिर गरमाया मामला
कोर्ट का फैसला आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। विपक्षी पार्टियों ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) का कहना है कि यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक दबाव का नतीजा है और कोर्ट में सच्चाई सामने आएगी। इस बीच, सोशल मीडिया पर भी Delhi Liquor Policy Case पर बहस तेज हो गई है।
क्या होगा आगे?
कोर्ट के नोटिस के बाद, सभी 23 लोगों को अपना जवाब देना होगा। अगली सुनवाई में कोर्ट तय करेगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।
कानूनी जानकारों के मुताबिक, अगर जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो कोर्ट इस मामले में और सख्त रुख अपना सकता है। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में Delhi Liquor Policy Case में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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