Delhi IGI Airport T3 Upgrade: देश के सबसे व्यस्त और बड़े एयरपोर्ट इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI) पर यात्रियों (Delhi IGI Airport T3 Upgrade) की बढ़ती संख्या को देखते हुए बड़ा ढांचागत बदलाव किया जा रहा है। खासतौर पर टर्मिनल-3 (T3) पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए एक अहम फैसला लिया गया है। अब T3 के एक डोमेस्टिक पियर (पियर C) को इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए बदला जा रहा है। इस बदलाव से T3 की अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को हैंडल करने की क्षमता में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
2 करोड़ से 3 करोड़ तक पहुंचेगी क्षमता
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) द्वारा किए जा रहे इस अपग्रेड के बाद T3 की सालाना इंटरनेशनल पैसेंजर क्षमता मौजूदा 2 करोड़ से बढ़कर करीब 3 करोड़ हो जाएगी। पियर C को डोमेस्टिक से इंटरनेशनल में बदलने का काम तेजी से चल रहा है और संभावना है कि मार्च 2026 तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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क्या-क्या बदला जा रहा है पियर C में?
इस परिवर्तन के तहत T3 के पियर C में कई तकनीकी और संरचनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं-
- इमिग्रेशन काउंटरों की संख्या में बढ़ोतरी
- सिक्योरिटी सिस्टम का अपग्रेड
- पैसेंजर फ्लो को अलग-अलग जोन में बांटना
- एरोब्रिज को बाइफर्केट (दो हिस्सों में विभाजित) करना
DIAL का कहना है कि यात्रियों की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस बदलाव की योजना काफी समय पहले से तैयार की जा रही थी।
डोमेस्टिक उड़ानों का पुनर्वितरण
T3 में इंटरनेशनल स्पेस बढ़ाने के लिए घरेलू उड़ानों को धीरे-धीरे दूसरे टर्मिनलों में शिफ्ट किया जा रहा है।
- एयर इंडिया ने 26 अक्टूबर 2025 से अपनी 60 घरेलू उड़ानों को T3 से T2 में स्थानांतरित कर दिया
- एयर इंडिया की करीब 120 घरेलू फ्लाइट्स अब भी T3 से संचालित हो रही हैं
- एयर इंडिया एक्सप्रेस की सभी घरेलू उड़ानें अब T1 से ऑपरेट हो रही हैं
- इंडिगो ने अपने ऑपरेशंस को T1, T2 और T3 में बांट दिया है
T1 और T2 में भी बड़ा बदलाव
इससे पहले T2, जो अप्रैल 2025 से अपग्रेडेशन के लिए बंद था, उसे 26 अक्टूबर 2025 को दोबारा खोला गया। वहीं T1 की क्षमता दोगुनी कर 4 करोड़ यात्री सालाना कर दी गई है। इन सभी बदलावों का उद्देश्य T3 पर दबाव कम करना और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना है।
क्यों जरूरी हो गया था यह बदलाव?
कोरोना महामारी के बाद इंटरनेशनल ट्रैवल में जबरदस्त उछाल आया है। पर्यटन, व्यापार और प्रवासी भारतीयों की बढ़ती आवाजाही से विदेशी उड़ानों की संख्या तेजी से बढ़ी है। T3 पर रोजाना इंटरनेशनल यात्रियों की संख्या 67,000 से 68,000 तक पहुंच चुकी थी, जो इसकी मौजूदा क्षमता से ज्यादा है। इससे-
- इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर में दिक्कत
- कनेक्टिंग फ्लाइट्स में देरी
- गेट और स्लॉट की कमी जैसी समस्याएं सामने आ रही थीं।
दिल्ली बनेगा मजबूत ग्लोबल एविएशन हब
पियर C के इंटरनेशनल में बदलने के बाद T3 में अब-
- 3 इंटरनेशनल पियर्स (A, B और C)
- 1 डोमेस्टिक पियर (D) होंगे।
इससे नए इंटरनेशनल रूट्स (Delhi IGI Airport T3 Upgrade) जोड़ना आसान होगा और दिल्ली की स्थिति एक प्रमुख ग्लोबल एविएशन हब के रूप में मजबूत होगी।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
इस अपग्रेड का सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा-
- इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए कम वेटिंग टाइम
- ज्यादा बोर्डिंग गेट्स उपलब्ध
- बेहतर ट्रांसफर एक्सपीरियंस
- एयरलाइंस को ज्यादा स्लॉट्स
मास्टर प्लान 2026 का हिस्सा
यह बदलाव IGI एयरपोर्ट के मास्टर प्लान 2026 का हिस्सा है। इसके तहत T3 में एक नया पियर E बनाने की भी योजना है, जिसे 2028 तक पूरा किया (Delhi IGI Airport T3 Upgrade) जाना है।
वर्तमान यात्री आंकड़े
वित्त वर्ष 2024-25 में IGI एयरपोर्ट से कुल 7.92 करोड़ यात्रियों ने सफर किया, जिनमें 2.16 करोड़ इंटरनेशनल और शेष घरेलू यात्री थे। यह अब तक (Delhi IGI Airport T3 Upgrade) का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
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