Atal Canteens Delhi: दिल्ली बीजेपी सरकार और संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने आज 25 नई अटल कैंटीनों (Atal Canteens Delhi) का लोकार्पण किया। साथ ही 71 कार्यरत कैंटीनों में लाभार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम में विशेष रूप से भाग लिया।
अटल कैंटीनों का उद्देश्य
बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि अटल कैंटीनों की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों से प्रेरित है। इन कैंटीनों (Atal Canteens Delhi) का उद्देश्य गरीब, श्रमिक और वंचित वर्ग को सुलभ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। इस कैंटीन के मुख्य लाभ है जैसे-
- मजदूर, रिक्शा चालक और दैनिक वेतनभोगी परिवारों के लिए आर्थिक सहारा
- कम लागत में पौष्टिक भोजन की उपलब्धता
- गरीब कल्याण और सामाजिक समरसता का संवर्धन
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उद्घाटन समारोह की मुख्य विशेषताएं
दिल्ली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय विधायक और निगम पार्षदों के साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। कृष्णानगर विधानसभा में कार्यक्रम का नेतृत्व किया गया, जिसमें जिला अध्यक्ष दीपक गाबा और निगम पार्षदों की उपस्थिति रही।
कस्तूरबा नगर विधानसभा में भी अटल कैंटीन का लोकार्पण किया गया। उद्घाटन समारोहों में बीजेपी संगठन के वरिष्ठ नेता जैसे विजेन्द्र गुप्ता, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ पंकज सिंह, रविन्द्र इंद्रराज सहित कई अन्य नेताओं ने भाग लिया।
लाभार्थियों के साथ संवाद
कार्यक्रम में उपस्थित सभी नेताओं ने कैंटीन में भोजन कर रहे लाभार्थियों से सीधे बातचीत की और उनकी राय जानी। इस पहल का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लाभार्थियों की जरूरतों को समझना और उन्हें बेहतर सेवाएं प्रदान करना है। बीजेपी नेता और विधायक इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अटल कैंटीन गरीबों और मजदूर वर्ग के लिए स्थायी आर्थिक सहारा साबित होंगी।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
बीजेपी ने घोषणा की है कि दिल्ली में अटल कैंटीनों की संख्या बढ़ाकर और अधिक इलाकों में पहुंचाई जाएगी। सरकार का लक्ष्य यह है कि हर गरीब और जरूरतमंद नागरिक को सुलभ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिले।
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा, ‘बीजेपी सरकार का यह प्रयास सिर्फ योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे नियमित और प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी और सुधार किए जाएंगे।’
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