Nirmala Sitharaman 9th Budget: भारत के आर्थिक इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। यह उपलब्धि न केवल उन्हें आधुनिक भारत की सबसे लंबे समय तक लगातार बजट पेश करने वाली वित्त मंत्री बनाएगी, बल्कि यह देश की आर्थिक नीति में निरंतरता, स्थिरता और भरोसे का भी प्रतीक मानी जा रही है।
ऐसे दौर में जब दुनिया वैश्विक मंदी, भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध, महंगाई, ऊर्जा संकट और सप्लाई चेन बाधाओं से जूझ रही है, भारत का यह बजट देश की दिशा और दशा तय करने वाला साबित हो सकता है। आम आदमी से लेकर उद्योग जगत और विदेशी निवेशकों तक, सभी की निगाहें इस बजट पर टिकी हुई हैं।
Nirmala Sitharaman 9th Budget: लगातार 9 बजट – इतिहास में दर्ज होगा नाम
निर्मला सीतारमण का यह नौवां लगातार बजट उन्हें एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड की कतार में खड़ा करता है। इससे पहले:
- मोरारजी देसाई ने अलग-अलग कार्यकाल में कुल 10 बजट पेश किए थे, लेकिन वह लगातार नहीं थे
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पी. चिदंबरम ने 9 बार
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प्रणब मुखर्जी ने 8 बार बजट पेश किया
लेकिन लगातार सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड अब निर्मला सीतारमण के नाम दर्ज होने जा रहा है, जो उन्हें भारतीय आर्थिक इतिहास में एक अलग पहचान दिलाता है।
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Nirmala Sitharaman 9th Budget: मोदी सरकार में आर्थिक स्थिरता का मजबूत चेहरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में दूसरी बार सत्ता में आने के बाद निर्मला सीतारमण को देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री नियुक्त किया। इसके बाद 2024 में तीसरी बार सरकार बनने पर भी उन्हें ही वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।
यह फैसला सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर नीति की निरंतरता और नेतृत्व की स्थिरता को प्राथमिकता दी है। अब तक वह 8 लगातार बजट (जिसमें 2024 का अंतरिम बजट भी शामिल है) पेश कर चुकी हैं और 2026 का बजट उनके करियर में एक और मील का पत्थर जोड़ेगा।
Nirmala Sitharaman 9th Budget: इस बजट से देश को क्या-क्या उम्मीदें?
यह बजट कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सिर्फ एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की आर्थिक रणनीति को दर्शाएगा।
इस बजट से प्रमुख उम्मीदें:
- आर्थिक वृद्धि (GDP Growth) को नई रफ्तार
- किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को राहत पैकेज
- मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद
- मेक इन इंडिया, स्टार्टअप्स और MSME सेक्टर को बढ़ावा
- ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस
- रोजगार सृजन और स्किल डेवलपमेंट के लिए नई योजनाएं
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट “रिफॉर्म + राहत” का संतुलन पेश कर सकता है, जिससे विकास और सामाजिक सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।
Nirmala Sitharaman 9th Budget: भारत के बजट इतिहास से जुड़े रोचक तथ्य
- पहला बजट
स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को आर. के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था।
- सबसे ज्यादा बजट
मोरारजी देसाई ने कुल 10 बजट पेश कर यह रिकॉर्ड बनाया।
- दूसरे और तीसरे स्थान पर
पी. चिदंबरम – 9 बजट
प्रणब मुखर्जी – 8 बजट
Nirmala Sitharaman 9th Budget: मनमोहन सिंह और आर्थिक सुधारों की नींव
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 1991 से 1995 के बीच लगातार 5 बजट पेश किए थे। इन्हीं बजटों के जरिए भारत में आर्थिक उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की ऐतिहासिक नींव रखी गई, जिसने देश की अर्थव्यवस्था की दिशा हमेशा के लिए बदल दी।
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Nirmala Sitharaman 9th Budget: सबसे लंबा और सबसे छोटा बजट भाषण
- सबसे लंबा बजट भाषण
निर्मला सीतारमण का 1 फरवरी 2020 का बजट भाषण – 2 घंटे 40 मिनट
- सबसे छोटा बजट भाषण
1977 में हिरूभाई मुल्जीभाई पटेल का अंतरिम बजट – सिर्फ 800 शब्द
Nirmala Sitharaman 9th Budget: बजट पेश करने की परंपरा में ऐतिहासिक बदलाव
- समय में बदलाव
पहले बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था। 1999 में यशवंत सिन्हा ने इसे बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया।
- तारीख में बदलाव
2017 से बजट 1 फरवरी को पेश होने लगा, ताकि 1 अप्रैल से योजनाओं को लागू किया जा सके।
Nirmala Sitharaman 9th Budget: निर्मला सीतारमण – सिर्फ वित्त मंत्री नहीं, एक रिकॉर्ड मेकर
निर्मला सीतारमण आज सिर्फ एक वित्त मंत्री नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक आत्मविश्वास, नीतिगत निरंतरता और निर्णायक नेतृत्व की पहचान बन चुकी हैं। लगातार नौ बजट पेश करना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि देश की आर्थिक कमान एक अनुभवी और भरोसेमंद हाथों में है।
अब देश की निगाहें 1 फरवरी पर टिकी हैं जब एक बार फिर बजट की बागडोर निर्मला सीतारमण के हाथों में होगी, और भारत के आर्थिक भविष्य की नई रूपरेखा सामने आएगी।
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