India Hospitality Sector: भारत का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर आने वाले वित्त वर्ष में मजबूत प्रदर्शन कर सकता है। रेटिंग एजेंसी ICRA की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में देश का होटल और आतिथ्य उद्योग 9 से 12 प्रतिशत तक राजस्व वृद्धि दर्ज कर सकता है। Report में कहा गया है कि घरेलू पर्यटन में तेजी, शादियों और सामाजिक आयोजनों का बढ़ता चलन, कॉर्पोरेट यात्राएं और MICE गतिविधियां इस सेक्टर की ग्रोथ को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन और यात्रा से जुड़े क्षेत्रों में जिस तरह की तेजी देखी गई है, उसका सीधा फायदा होटल उद्योग को मिल रहा है। हालांकि 2024-25 में India Hospitality Sector का आधार पहले से ही मजबूत रहा है, इसके बावजूद आने वाले वर्ष में सकारात्मक रुझान बने रहने की उम्मीद जताई गई है।
ऑक्यूपेंसी रेट में बढ़ोतरी का अनुमान
Report के अनुसार, देश के प्रमुख शहरों में प्रीमियम होटलों की ऑक्यूपेंसी दर आने वाले वित्त वर्ष में और बेहतर हो सकती है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में होटल ऑक्यूपेंसी लगभग 72 से 74 प्रतिशत के बीच रह सकती है। इसके मुकाबले चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में यह दर करीब 71 से 73 प्रतिशत के आसपास दर्ज की गई है।
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पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि छुट्टियों के मौसम, त्योहारों और विवाह सीजन के दौरान होटल बुकिंग में काफी तेजी देखी जा रही है। साथ ही कॉर्पोरेट मीटिंग्स और बिजनेस ट्रैवल में भी बढ़ोतरी हो रही है, जिससे होटल उद्योग की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
एवरेज रूम रेट में भी इजाफा
India Hospitality Sector में बढ़ती मांग का असर रूम रेट पर भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में प्रीमियम होटलों का एवरेज रूम रेट (ARR) बढ़कर लगभग 8,200 से 8,500 रुपये प्रति रात तक पहुंच सकता है। इसके मुकाबले 2024-25 में यह दर लगभग 8,000 से 8,200 रुपये के बीच रही थी।
विश्लेषकों का मानना है कि जब मांग मजबूत रहती है और होटल की ऑक्यूपेंसी बढ़ती है, तो होटल ऑपरेटरों को बेहतर प्राइसिंग पावर मिलती है। इसी वजह से आने वाले समय में रूम टैरिफ में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
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मांग और सप्लाई के बीच बना रहेगा अंतर
Report में यह भी बताया गया है कि देश के 12 प्रमुख शहरों में प्रीमियम होटल कमरों की संख्या में बढ़ोतरी जरूर हो रही है, लेकिन मांग की रफ्तार उससे ज्यादा तेज है। अनुमान है कि 2025 और 2026 के दौरान प्रीमियम होटल कमरों की सप्लाई हर साल लगभग 5 से 6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जबकि मांग 8 से 9 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
इसका मतलब है कि अगले कुछ वर्षों तक होटल इंडस्ट्री में मांग और सप्लाई के बीच एक अंतर बना रह सकता है। यही अंतर होटल व्यवसाय के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि इससे ऑक्यूपेंसी और रूम रेट दोनों मजबूत बने रहेंगे।
मांग के नए स्रोत बने शादी और धार्मिक पर्यटन
India Hospitality Sector की मांग अब केवल कॉर्पोरेट ट्रैवल तक सीमित नहीं रह गई है। शादियों, सामाजिक कार्यक्रमों, बड़े कॉन्सर्ट, खेल आयोजनों और धार्मिक पर्यटन ने भी होटल उद्योग को नया सहारा दिया है।
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भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है। राजस्थान, गोवा, उत्तराखंड और हिमाचल जैसे राज्यों में हर साल बड़ी संख्या में शादियां आयोजित होती हैं, जिनसे होटल बुकिंग में भारी बढ़ोतरी होती है। इसके अलावा धार्मिक स्थलों की यात्रा और वीकेंड टूरिज्म भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब लोग बड़े शहरों के अलावा टियर-2 और टियर-3 शहरों की ओर भी घूमने के लिए आकर्षित हो रहे हैं। इससे छोटे शहरों में भी होटल उद्योग को नई संभावनाएं मिल रही हैं।
एसेट-लाइट मॉडल की ओर बढ़ रही कंपनियां
Report में यह भी कहा गया है कि होटल कंपनियां अब विस्तार के लिए पारंपरिक मॉडल के बजाय एसेट-लाइट रणनीति पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इस मॉडल में कंपनियां होटल की जमीन या भवन में भारी निवेश करने के बजाय मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट और फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए संचालन करती हैं।
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इस रणनीति का फायदा यह होता है कि कंपनियों को कम पूंजी लगानी पड़ती है और जोखिम भी सीमित रहता है। साथ ही बेहतर रिटर्न और स्थिर कैश फ्लो हासिल करने में भी मदद मिलती है। यही कारण है कि कई बड़ी होटल चेन इस मॉडल को तेजी से अपना रही हैं।
भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत
India Hospitality Sector आने वाले वर्षों में मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। बढ़ता घरेलू पर्यटन, शादी और धार्मिक आयोजनों की मांग, कॉर्पोरेट ट्रैवल और नए शहरों में बढ़ता पर्यटन उद्योग को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आर्थिक माहौल स्थिर रहा और पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे में सुधार जारी रहा, तो भारत का होटल उद्योग आने वाले समय में और भी तेज गति से विकास कर सकता है।
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