Gold Silver Record: भारतीय सर्राफा बाजार ने 29 जनवरी को इतिहास रच दिया। वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की तेज खरीदारी के बीच सोना और चांदी दोनों ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। वायदा बाजार में चांदी पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई, जबकि सोने ने भी 1.8 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का ऐतिहासिक स्तर छू लिया। इस Gold Silver Record तेजी ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है।
एमसीएक्स पर चांदी की ऐतिहासिक उड़ान
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के मार्च वायदा अनुबंध में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कारोबार के दौरान चांदी की कीमतों में करीब 6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और भाव 4,07,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गए। बाजार जानकारों के अनुसार, चांदी की औद्योगिक मांग में अचानक आई मजबूती ने Gold Silver Record कीमतों को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी की बढ़ती खपत ने इसे निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बना दिया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी के मार्च कॉन्ट्रैक्ट में जबरदस्त तेजी देखी गई. भाव 22,090 रुपये या लगभग 5.73 प्रतिशत की छलांग लगाकर 4,07,456 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया. विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की औद्योगिक मांग में आई अचानक तेजी ने इसे सोने के मुकाबले अधिक आकर्षक बना दिया है.
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सोने ने भी बनाया नया ऑल-टाइम हाई
Gold Silver Record की कीमतों ने भी निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। MCX पर फरवरी वायदा सोना एक ही दिन में बड़ी छलांग लगाते हुए 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की चमक बरकरार है। कॉमेक्स (COMEX) पर सोना 5,600 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ने के साथ-साथ निवेशक तेजी से सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसमें सोना सबसे भरोसेमंद साधन बना हुआ है।
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Gold Silver Record तेजी के पीछे ये बड़े कारण
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, Gold Silver Record की कीमतों में इस ऐतिहासिक उछाल के पीछे कई अहम वजहें हैं। पहला, दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों को जोखिम भरे निवेश से दूर कर रहा है। दूसरा, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आने से कीमती धातुएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सस्ती नजर आ रही हैं, जिससे उनकी मांग बढ़ी है। तीसरा, दुनियाभर के केंद्रीय बैंक लगातार अपने स्वर्ण भंडार में इजाफा कर रहे हैं, जिससे सोने की मांग को मजबूती मिल रही है।
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निवेशकों को मिला जबरदस्त रिटर्न
अगर रिटर्न की बात करें तो इस साल अब तक चांदी ने निवेशकों को 60 प्रतिशत से अधिक का फायदा दिया है, जबकि सोने की कीमतों में करीब 27 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। पिछले साल भी सोने ने शानदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया था। मौजूदा हालात को देखते हुए विशेषज्ञ मान रहे हैं कि सुरक्षित निवेश की मांग अभी और बढ़ सकती है।
आगे क्या रहेगी रणनीति?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोना और चांदी दोनों ही निवेशकों के पोर्टफोलियो में अहम भूमिका निभाते रहेंगे। हालांकि, इतनी Gold Silver Record तेजी के बाद मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल को समझते हुए सोच-समझकर निवेश करें और लंबी अवधि की रणनीति अपनाएं।
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