Gold Price: पिछले कारोबारी सत्र की भारी गिरावट के बाद आज Gold Price और Silver Price में शानदार रिकवरी दर्ज की गई। निचले स्तरों पर निवेशकों की सक्रियता और वैल्यू बाइंग के चलते बाजार में 1% से 2% से अधिक का उछाल देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद यह तेजी बाजार में मजबूत धारणा की वापसी का संकेत है।
MCX Gold Rate में मजबूती, Silver Price को भी मिला सपोर्ट
भारतीय वायदा बाजार Multi Commodity Exchange of India (MCX) में अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 1.08% की बढ़त के साथ ₹1,54,480 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मार्च वायदा में Silver Price 2.59% उछलकर ₹2,42,564 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।
ट्रेडर्स के अनुसार, ₹1,54,000 का स्तर फिलहाल Gold Price के लिए अहम सपोर्ट जोन बन चुका है। इसी तरह ₹2,42,000 के आसपास Silver Price को मजबूत आधार मिल रहा है, जिससे अल्पकालिक स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है।
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COMEX Gold में उतार-चढ़ाव, वैश्विक संकेत सकारात्मक
अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर सोना $4,850 से $5,100 प्रति औंस के बीच ट्रेड कर रहा है। यह हाल ही में बने $5,600 के उच्चतम स्तर से सुधार को दर्शाता है। चांदी, जिसने पहले $121 का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, अब $73 से $84 के दायरे में बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर आई यह गिरावट निवेशकों के लिए अवसर साबित हुई, जिसका सीधा असर घरेलू Gold Price और Silver Price पर देखा गया।
Value Buying से बदला बाजार का रुख
विश्लेषकों का कहना है कि हालिया गिरावट को ‘हेल्दी प्रॉफिट बुकिंग’ माना जा सकता है। ऊंचे स्तर से कीमतों के फिसलने के बाद निवेशकों ने इसे खरीदारी का मौका समझा। इसी रणनीति के तहत निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी हुई, जिससे Gold Price में तेजी लौटी। कमोडिटी जानकारों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों ने गिरावट के दौरान पोजीशन बनाई है। यही कारण है कि Silver Price में भी तेज उछाल देखने को मिला।

Inflation और Global Uncertainty का प्रभाव
भारत में बढ़ती महंगाई और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग को बढ़ाया है। जब भी आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तब Gold Price में मजबूती देखने को मिलती है।
इसके अलावा, केंद्रीय बैंकों द्वारा जारी सोने की खरीदारी भी बाजार को दीर्घकालिक सपोर्ट दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि Reserve Bank Buying की निरंतरता से Gold Price को मजबूत आधार मिलता रहेगा।
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CPI डेटा और Federal Reserve की नीति अहम
निवेशकों की नजर अब अमेरिकी मुद्रास्फीति (CPI) के आंकड़ों पर टिकी है। ये आंकड़े Federal Reserve की ब्याज दर नीति को प्रभावित करेंगे। यदि महंगाई ऊंची रहती है, तो ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम हो सकती है, जिसका असर Gold Price और Silver Price दोनों पर पड़ेगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में नरमी की स्थिति में सोना निवेशकों के लिए और आकर्षक बन सकता है।
Long-Term Gold Market Outlook
विशेषज्ञों का अनुमान है कि दीर्घकाल में रुझान सकारात्मक बना हुआ है। कुछ विश्लेषकों के मुताबिक 2026 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $6,000 प्रति औंस तक पहुंच सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो घरेलू Gold Price भी नए रिकॉर्ड स्तर छू सकता है।
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वहीं औद्योगिक मांग और निवेश समर्थन के कारण Silver Price में भी मजबूती की संभावना बनी हुई है। आने वाले महीनों में वैश्विक आर्थिक संकेतक और केंद्रीय बैंकों की रणनीति बाजार की दिशा तय करेंगे।
निवेशकों के लिए रणनीति क्या हो?
बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखने के लिए सोना और चांदी दोनों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
हाल की तेजी से संकेत मिलता है कि Gold Price में गिरावट सीमित रह सकती है, जबकि Silver Price भी मजबूती दिखा रही है। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो आने वाले समय में कीमती धातुओं में स्थिर और टिकाऊ बढ़त देखने को मिल सकती है।
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