Digital India Growth: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की नई साइबर क्राइम शाखा का उद्घाटन किया और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के राज्य अपराध समन्वय केंद्र (S4C) डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने साइबर अपराध से निपटने के लिए समन्वित रणनीति की आवश्यकता पर बल दिया। शाह ने कहा कि डिजिटल युग में बढ़ते साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन अपराधों से प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए सभी एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल अनिवार्य है।
साइबर अपराध के खिलाफ संयुक्त प्रयास
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि साइबर अपराध की चुनौती सीमित दायरे की नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि I4C, राज्य पुलिस बल, CBI, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), प्रवर्तन निदेशालय (ED), दूरसंचार विभाग, बैंकिंग क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और न्यायपालिका मिलकर इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।
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RuPay कार्ड और जन-धन खातों में विस्तार
सम्मेलन के दौरान शाह ने देश में Digital India Growth वित्तीय समावेशन की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि RuPay डेबिट कार्ड की संख्या 39 करोड़ 81 लाख तक पहुंच चुकी है और दिसंबर 2026 तक इसके लगभग 50 करोड़ पार करने की संभावना है। यह देश में Digital India Growth भुगतान प्रणाली के विस्तार का संकेत है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वर्ष पहले तक देश में बड़ी संख्या में परिवार ऐसे थे जिनके पास बैंक खाता नहीं था। लेकिन फरवरी 2026 तक 57 करोड़ से अधिक जन-धन खाते खोले जा चुके हैं। यह वित्तीय समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने करोड़ों लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा है।
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Digital India Growth का बदलता परिदृश्य
अमित शाह ने पिछले 11 वर्षों में ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने डिजिटल क्षेत्र में उल्लेखनीय छलांग लगाई है। उन्होंने बताया कि एक दशक पहले देश में लगभग 25 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता थे, जबकि आज यह संख्या एक अरब से अधिक हो चुकी है।
ब्रॉडबैंड कनेक्शन में भी कई गुना वृद्धि हुई है और यह आंकड़ा भी एक अरब के पार पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट डेटा की कीमत में 97 प्रतिशत तक की गिरावट ने डिजिटल सेवाओं को आम नागरिकों के लिए सुलभ बनाया है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल खाई कम हुई है।
भारतनेट से ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ावा
गृह मंत्री ने भारतनेट परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 11 वर्ष पहले केवल 546 ग्रामीण पंचायतें इस नेटवर्क से जुड़ी थीं, जबकि अब दो लाख से अधिक पंचायतें भारतनेट से कनेक्ट हो चुकी हैं। इससे गांवों में डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन सुविधाओं की पहुंच बढ़ी है। उन्होंने कहा कि संसद से लेकर पंचायत स्तर तक डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत होने से प्रशासनिक पारदर्शिता और सेवा वितरण में सुधार हुआ है।
UPI ट्रांजैक्शन में रिकॉर्ड वृद्धि
अमित शाह ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए हो रहे Digital India Growth लेनदेन की वृद्धि पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार, वर्ष 2024 में देश में 181 बिलियन से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल राशि 233 ट्रिलियन रुपये से अधिक रही। यह आंकड़ा भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है।
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उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो दुनिया का हर दूसरा डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहा है। ऐसे में Digital India Growth इकोसिस्टम की सुरक्षा और मजबूती को लगातार बेहतर बनाना आवश्यक है।
सुरक्षित Digital India Growth की दिशा में कदम
गृह मंत्री ने निष्कर्ष में कहा कि Digital India Growth प्रगति के साथ साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देना समय की मांग है। CBI की नई साइबर क्राइम शाखा और I4C के S4C डैशबोर्ड जैसी पहलें इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि समन्वित प्रयासों के जरिए साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा और देश का डिजिटल ढांचा और अधिक सुरक्षित व मजबूत बनेगा।
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