Tanhaji Movie: इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर रितेश देशमुख की मराठी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ (Raja Shivaji) धूम मचा रही है। फिल्म में रितेश ने छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार को जिस भव्यता के साथ पर्दे पर उतारा है, उसकी चारों ओर चर्चा हो रही है। लेकिन जब भी पर्दे पर शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक चित्रण की बात आती है, तो अजय देवगन की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘तानाजी: द अनसंग वॉरियर’ का जिक्र अनिवार्य हो जाता है। साल 2020 में आई इस फिल्म में अभिनेता शरद केलकर ने छत्रपति शिवाजी महाराज का ऐसा दमदार और ओजस्वी किरदार निभाया था कि लोग आज भी उनकी सधी हुई एक्टिंग और भारी आवाज के कायल हैं।
दिलचस्प बात यह है कि शरद केलकर का रिश्ता सिर्फ मराठा योद्धाओं की गाथा तक ही सीमित नहीं है। बहुत कम लोग जानते हैं कि सुपरस्टार प्रभास को हिंदी पट्टी में ‘बाहुबली’ के रूप में स्थापित करने के पीछे भी शरद केलकर का ही हाथ था। बिना शरद की जादुई आवाज के, शायद प्रभास का वह ‘लार्जर दैन लाइफ’ किरदार हिंदी दर्शकों के दिलों में वैसी जगह नहीं बना पाता। ‘तानाजी’ के शिवाजी और ‘बाहुबली’ की आवाज के बीच का यह अनूठा संगम भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली कम्बिनेशन में से एक माना जाता है। (Tanhaji Movie)
‘तानाजी’ के वो शिवाजी, जिन्हें देख थिएटर्स में बजी थीं तालियां
10 जनवरी 2020 को रिलीज हुई फिल्म ‘तानाजी: द अनसंग वॉरियर’ मुख्य रूप से तानाजी मालुसारे की वीरता पर आधारित थी। हालांकि, फिल्म की सफलता में शरद केलकर द्वारा निभाए गए छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार का बहुत बड़ा योगदान था। शरद की कद-काठी, उनकी आंखों की चमक और सबसे बढ़कर उनके बोलने का अंदाज इतना प्रभावशाली था कि दर्शकों को उनमें साक्षात महाराज की छवि नजर आई। अजय देवगन और शरद केलकर की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने मराठा शौर्य की इस कहानी को एक अलग ऊंचाई पर पहुंचा दिया था। (Tanhaji Movie)
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वो आवाज जिसने प्रभास को बनाया ‘बाहुबली’
जब एसएस राजामौली ‘बाहुबली’ को हिंदी में डब करने के लिए एक ऐसी आवाज की तलाश कर रहे थे जो प्रभास के विशाल व्यक्तित्व को न्याय दे सके, तो उनकी खोज शरद केलकर पर आकर रुकी। शरद की भारी और गरजती हुई आवाज ने ‘बाहुबली’ के संवादों में वो जान फूंक दी कि फिल्म ने उत्तर भारत में इतिहास रच दिया। ‘अमरेंद्र बाहुबली यानी मैं…’ जब यह डायलॉग शरद की आवाज में गूंजा, तो देशभर में प्रभास रातों-रात सुपरस्टार बन गए। यह शरद की आवाज का ही जादू था जिसने तेलुगु फिल्म को हिंदी बेल्ट में एक घरेलू नाम बना दिया। (Tanhaji Movie)
प्रभास की ‘परमानेंट’ हिंदी आवाज बने शरद
‘बाहुबली’ और ‘बाहुबली 2’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद शरद केलकर हिंदी दर्शकों के लिए प्रभास की आधिकारिक आवाज बन गए। उन्होंने बाद के वर्षों में प्रभास की कई बड़ी फिल्मों के लिए डबिंग की। साहो और आदिपुरुष: भले ही ये फिल्में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं, लेकिन शरद की डायलॉग डिलीवरी की हमेशा सराहना हुई। सालार इस फिल्म में भी प्रभास के एक्शन अवतार को शरद की आवाज ने और अधिक खूंखार और प्रभावशाली बनाया। (Tanhaji Movie)
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आवाज के पीछे का समर्पण
शरद केलकर केवल एक डबिंग आर्टिस्ट नहीं, बल्कि एक मंझे हुए अभिनेता हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि डबिंग के दौरान वह केवल पढ़ते नहीं हैं, बल्कि पर्दे पर चल रहे अभिनेता के हाव-भाव और सांसों की गति को भी महसूस करते हैं। यही वजह है कि उनकी आवाज प्रभास के चेहरे पर बिल्कुल सटीक बैठती है। (Tanhaji Movie)
उपलब्धि और सम्मान
शरद केलकर ने साबित कर दिया है कि अभिनय केवल स्क्रीन पर दिखने का नाम नहीं है, बल्कि ‘आवाज’ भी किसी को सुपरस्टार बनाने की ताकत रखती है। आज जब रितेश देशमुख ‘राजा शिवाजी’ के रूप में वाहवाही बटोर रहे हैं, तो शरद केलकर द्वारा निभाए गए शिवाजी महाराज के किरदार को याद करना उनकी कला के प्रति सबसे बड़ा सम्मान है। (Tanhaji Movie)
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