Happy Patel Movie Review: आमिर खान प्रोडक्शन की फिल्म ‘हैप्पी पटेल-खतरनाक जासूस’ अब थिएटर में रिलीज हो चुकी है। अगर आप इसे देखने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह रिव्यू आपके लिए मददगार साबित होगा। फिल्म में वीर दास का ऐसा अंदाज है कि बॉलीवुड के पारंपरिक जासूस फॉर्मूले को पूरी तरह बदल देता है।
फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण है इसका बेबाक और हास्यपूर्ण अंदाज, जो जासूसी और एक्शन के बीच आपको हंसने पर मजबूर कर देता है। आम दर्शकों को यह फिल्म मनोरंजन का पावर-पैक पैकेज देने के साथ बॉलीवुड में चल रहे ‘मर्दानगी’ वाले स्टीरियोटाइप पर करारा तंज भी करती है।
Happy Patel Movie Review-जासूस नहीं, ‘मेम’ है हैप्पी पटेल
कहानी है एनआरआई लड़के हैप्पी पटेल की, जिसका पिता खुद जासूस हैं। हैप्पी को भी जासूस बनाकर इंडिया भेजा जाता है, लेकिन ट्रेनिंग MI7 के गोदाम में होती है, जहां बॉलीवुड और देसीपन का क्रैश कोर्स पढ़ाया जाता है। मिशन पूरा होने पर उसे खुद पर शक हो जाता है और प्यार में उसे इनाम के बजाय थप्पड़ मिलता है। फिल्म में हैप्पी एक जासूस कम और चलते-फिरते ‘मेम’ ज्यादा लगता है। आखिर वह अपने मिशन में सफल होता है या मिसाइल के साथ वापस भेजा जाता है, यह देखने के लिए थिएटर जाना होगा।

Happy Patel Movie Review-फिल्म का अंदाज और कॉमेडी
‘हैप्पी पटेल’ में जासूसी के नाम पर ऐसा हास्य फैलाया गया है कि जेम्स बॉन्ड भी शर्मिंदा हो जाए। वीर दास ने बॉलीवुड की ‘मर्दानगी’ वाली परिभाषा को पिन चुभोई है और फिल्म को सटीरिकल टच दिया है। यह कोई सीरियस फिल्म नहीं, बल्कि एक पागलपन भरी राइड है। फिल्म में देसी कॉमिक्स और मेसिंग का तड़का आपको ‘देली बेली’ और ‘गो गोवा गोन’ की याद दिलाएगा।
Happy Patel Movie Review- वीर दास और कवि शास्त्री का अनोखा तालमेल
वीर दास और कवि शास्त्री ने मिलकर फिल्म का निर्देशन किया है। फिल्म कभी स्पाई थ्रिलर बन जाती है, तो कभी अचानक इमोशनल ड्रामा में बदल जाती है। एक्शन, गाने, रोमांस सब कुछ एक्स्ट्रा और अलग है। फिल्म बॉलीवुड के स्टीरियोटाइप पर तंज कसती है, उदाहरण के तौर पर हीरो खुद प्यार के लिए आइटम डांस करता है।
वीर दास ने दिखाई मासूमियत और कमाल की कॉमेडी
वीर दास ने हैप्पी के रोल में मासूमियत और शानदार कॉमिक टाइमिंग दिखाई। मोना सिंह फिल्म की विलेन ‘ममा’ बनी हैं, शारिब हाशमी ने ‘लाल सिंह चड्ढा’ वाले गेटअप में कमाल की कॉमिक टाइमिंग दी। मिथिला पालकर ठीक-ठाक हैं, और रैपर श्रृष्टि तावड़े ने अपनी एक्टिंग से मल्टीटैलेंटेड होने का सबूत दिया।
कैमियो और मजेदार ट्विस्ट
फिल्म की शुरुआत आमिर खान और सुमुखी सुरेश से होती है, जो दर्शकों को बताता है कि आगे सिर्फ पागलपन होने वाला है। इमरान खान ‘मिलिंद मोरिया’ बनकर आते हैं, और पीछे बज रहे ‘जाने तू या जाने ना’ के गाने दर्शकों को पुरानी यादें दिलाते हैं।
देखना चाहिए या नहीं?
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका बेबाक अंदाज है, जो बॉलीवुड के जासूस फॉर्मूले की धज्जियां उड़ाता है। यह फिल्म आपको ‘देली बेली’ वाले पुराने दिनों की याद दिलाएगी। लॉजिक की तलाश करने वाले इसे पसंद न कर पाएं, लेकिन अगर आप दिमाग को थोड़ा रेस्ट देकर जमकर हंसना चाहते हैं, तो ‘हैप्पी पटेल’ आपके लिए परफेक्ट है। वीर दास का यह अवतार सुपरहिट है। ‘हैप्पी पटेल’ फ्लॉप जासूस हो सकता है, लेकिन इंसान के रूप में यह सुपरहिट है।



