AR Rahman Controversy: ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान अपने एक हालिया इंटरव्यू को लेकर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री को लेकर दिए गए उनके ‘कम्युनल’ बयान ने न सिर्फ फिल्म जगत में हलचल मचा दी है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी तीखी बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनलों तक, हर जगह रहमान के बयान पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है।
इस मुद्दे पर जहां सिंगर शान, शंकर महादेवन, अनूप जलोटा और अभिनेत्री कंगना रनौत पहले ही अपनी राय रख चुके हैं, वहीं अब गीतकार जावेद अख्तर, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान सामने आए हैं। किसी ने रहमान के दावे को खारिज किया, तो किसी ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया।
AR Rahman Controversy- क्या है एआर रहमान का ‘कम्युनल’ बयान?
हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में एआर रहमान ने कहा था कि पिछले कुछ सालों से उन्हें बॉलीवुड में अपेक्षाकृत कम काम मिल रहा है। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने म्यूजिक इंडस्ट्री को लेकर ‘कम्युनल’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद यह बयान विवाद का कारण बन गया। रहमान आमतौर पर विवादों से दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन इस बार उनका बयान सुर्खियों में आ गया।
जावेद अख्तर ने ‘कम्युनल’ एंगल से जताई असहमति
वरिष्ठ गीतकार जावेद अख्तर ने आईएएनएस से बातचीत में एआर रहमान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘मुझे कभी ऐसा नहीं लगा. मैं मुंबई में सभी लोगों से मिलता हूं. लोग उनका (एआर रहमान) बहुत सम्मान करते हैं. हो सकता है कि लोग ये समझते हों कि अभी वो वेस्ट में ज्यादा बिजी हो गए हैं. हो सकता है लोग समझते हों कि उनके प्रोग्राम बहुत बड़े-बड़े होते हैं, उसमें ज्यादा समय जाता है.
उन्होंने आगे कहा कि रहमान इतने बड़े आदमी हैं कि छोटे-मोटे प्रोड्यूसर उनके पास जाने से भी डरते हैं. लेकिन मैं नहीं समझता कि इसमें कोई भी कम्युनल एलिमेंट है.’ जावेद अख्तर के इस बयान के बाद बहस और तेज हो गई है, क्योंकि उन्होंने साफ तौर पर ‘कम्युनल’ एंगल से असहमति जताई।
AR Rahman Controversy- अखिलेश यादव ने किया एआर रहमान का समर्थन
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एआर रहमान के समर्थन में बयान देते हुए कहा,’मैं एआर रहमान का बहुत बड़ा फैन रहा हूं. उनके गाने रिलीज से पहले ही म्यूजिक चार्ट में टॉप पर आ जाते थे. एआर रहमान देश और दुनिया के बड़े कलाकार हैं. कला, संगीत और संस्कृति को धर्म या भेदभाव के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए.’ अखिलेश यादव के बयान के बाद यह साफ हो गया कि मामला अब सिर्फ एंटरटेनमेंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासत का रंग भी ले चुका है।

इमरान मसूद बोले- ‘ये पूरे देश के लिए चिंता का विषय’
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा,’अगर ऑस्कर विजेता कलाकार ये कह रहा है कि उसे काम नहीं मिल रहा, तो ये काफी चिंता का मुद्दा है. अगर किसी को धर्म की वजह काम के लिए परेशान होना पड़ रहा है, तो ये पूरे देश के लिए गंभीर सवाल खड़ा करता है.’उनके इस बयान ने विवाद को और व्यापक बना दिया है।
AR Rahman Controversy- फिल्म इंडस्ट्री से लेकर राजनीति तक गूंज
एआर रहमान के बयान ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वाकई म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री में भेदभाव जैसी कोई समस्या है, या फिर यह व्यक्तिगत अनुभव का मामला है। फिलहाल, रहमान के ‘कम्युनल’ बयान पर बहस थमने का नाम नहीं ले रही है और आने वाले दिनों में और भी प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।



