Patna News में राजधानी के दीघा हाट क्षेत्र से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित रूप से एक अवैध नर्सिंग होम संचालित किए जाने के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां बिना आवश्यक अनुमति के मरीजों का इलाज किया जाता है, पीछे बने कमरों में ऑपरेशन किए जाते हैं और सड़क किनारे ही ब्लड सैंपल लिए जाते हैं। इतना ही नहीं, मेडिकल वेस्ट को भी खुले में फेंके जाने का आरोप है, जिससे आसपास के लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
Patna News: मेडिकल हॉल के पीछे कमरे में ऑपरेशन होने का दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार, संबंधित मेडिकल स्टोर के पीछे बने कमरों का इस्तेमाल कथित तौर पर छोटे-बड़े ऑपरेशन करने के लिए किया जाता है। आरोप है कि यहां मरीजों को भर्ती भी किया जाता है, जबकि परिसर के बाहर किसी प्रकार का अधिकृत अस्पताल या नर्सिंग होम का बोर्ड नहीं लगा है।
लोगों का कहना है कि इलाज और सर्जरी जैसी सेवाएं ऐसे स्थान पर दी जा रही हैं, जहां सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का पालन संदिग्ध दिखाई देता है।
सड़क किनारे लिए जा रहे ब्लड सैंपल Patna Latest Update
मामले में एक और गंभीर आरोप यह है कि मरीजों के ब्लड सैंपल खुले स्थान पर, सड़क किनारे लिए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी प्रक्रिया संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकती है और स्वास्थ्य संबंधी निर्धारित नियमों का उल्लंघन भी माना जा सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
Patna News: मेडिकल वेस्ट खुले में फेंकने के आरोप
आरोप है कि उपयोग की गई सिरिंज, पट्टियां, ग्लव्स और अन्य बायोमेडिकल कचरा सड़क किनारे या खुले स्थानों पर फेंक दिया जाता है। यदि यह सही पाए जाते हैं, तो यह बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का गंभीर उल्लंघन हो सकता है।
मेडिकल वेस्ट का उचित निस्तारण न होने से संक्रमण और पर्यावरण प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद भी नहीं बदले हालात Patna News Update
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत पहले भी उच्च स्तर तक पहुंचाई जा चुकी है। मुख्यमंत्री कार्यालय को भी शिकायत भेजे जाने का दावा किया गया, लेकिन आरोप है कि अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसी वजह से लोगों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
Patna News प्रशासनिक जांच की उठी मांग
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि संबंधित केंद्र बिना वैध अनुमति के संचालित हो रहा है, तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े किसी भी संस्थान का संचालन केवल निर्धारित मानकों और लाइसेंस के आधार पर ही होना चाहिए। इससे मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहती है।
Patna News जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई संभव है। वहीं यदि आरोप गलत पाए जाते हैं, तो जांच रिपोर्ट स्थिति को स्पष्ट करेगी।
Patna News से जुड़े इस मामले ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और अवैध मेडिकल संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर किया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
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