Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एंटी करप्शन की टीम ने देर रात मवाना बस स्टैंड चौकी इंचार्ज विजयपाल सिंह को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। खुद को गिरफ्तार देख गिड़गिड़ाता हुए दरोगा कहने लगा कि मैं बेकसूर हूं। मुझे माफ कर दो। फिलहाल, SSP के आदेश पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कर दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी दरोगा मवाना के एक युवक को झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। जिसे एंटी करप्शन की टीम ने पकड़ लिया।
Uttar Pradesh : अब पढ़े क्या था मामला…
दरअसल, मवाना में रहने वाला समर खान उर्फ सोनू मारपीट के एक मामले में आरोपी था। समर को जमानत तो मिल गई थी, लेकिन चौकी इंचार्ज विजयपाल समर उसे डरा धमकाकर 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था। चौकी इंचार्ज समर से कह रहा था कि अगर 10 हजार रुपए नहीं दिए तो गंभीर धाराओं में जेल भेज दूंगा। जिसके बाद समर ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। शिकायत के बाद टीम ने 10 हजार के पाउडर लगे नोट समर को दे दिए। समर गुरुवार दोपहर को पुलिस चौकी पहुंचा और दरोगा विजयपाल को पाउडर लगे नोट दे दिए। जिसके बाद टीम ने दरोगा को नोटों के साथ पुलिस चौकी से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पूरे मामले की सूचना एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा को दी गई। वहीं इस मामले में सीओ का कहना है कि आज यानी शुक्रवार को दरोगा को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
Uttar Pradesh : इस साल पकड़े 23 रिश्वतखोर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एंटी करप्शन और विजिलेंस की टीम ने इस साल 23 रिश्वतखोरों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले 22 सितंबर को मारपीट के मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने की एवज में एक प्रशिक्षु महिला दारोगा और चौकी इंचार्ज अब्दुल्लापुर को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
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