बाढ़ ने रचा आस्था का दुर्लभ संयोग
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां गंगा-यमुना के उफान के बीच “लेटे हनुमान गंगा स्नान” का दुर्लभ नजारा देखने को मिला। संगम तट पर स्थित प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक शनिवार देर रात मां गंगा का पवित्र जल पहुंच गया। इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां बजरंगबली विराजमान मुद्रा में नहीं, बल्कि लेटी हुई अवस्था में भक्तों को दर्शन देते हैं — इसीलिए इसे “लेटे हनुमान” के नाम से जाना जाता है।
कैसे बना यह संयोग
पहाड़ों और आसपास के बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण संगम नगरी में गंगा-यमुना का जलस्तर दिनोंदिन बढ़ रहा है। इसी बढ़ोतरी का नतीजा रहा कि शनिवार रात नदी का जल मंदिर परिसर को पार कर सीधे गर्भगृह में दाखिल हो गया। धार्मिक मान्यताओं में इसे साधारण बाढ़ की घटना नहीं, बल्कि मां गंगा द्वारा स्वयं अपने पुत्र हनुमान को स्नान कराने का शुभ अवसर माना जाता है — और श्रद्धालु इसे बेहद सौभाग्यशाली क्षण मानते हैं।
गर्भगृह में उमड़ी भक्ति, हुई भव्य आरती
जैसे ही गंगा का जल गर्भगृह में प्रविष्ट हुआ, मंदिर के महंत और साधु-संतों ने वैदिक मंत्रों के बीच विधिवत स्वागत किया। दूध, दही, घी और पंचामृत अर्पित कर मां गंगा की अगवानी की गई, इसके बाद भव्य आरती संपन्न हुई। ढोल-नगाड़ों की थाप और “हर-हर गंगे”, “जय श्री राम” के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया। यह दृश्य कैमरे में कैद हुआ और अब वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल बंद रहेंगे कपाट
पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने एहतियातन गर्भगृह के कपाट बंद कर दिए हैं। जलस्तर घटने और परिसर से पानी पूरी तरह निकलने के बाद सफाई का काम किया जाएगा, उसके बाद ही आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन दोबारा शुरू होंगे। तब तक भक्त मंदिर के बाहर से ही लेटे हनुमान जी के दर्शन कर सकेंगे। गौरतलब है कि इस साल यह दूसरा मौका है जब गंगा का जल मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचा और यह दुर्लभ नजारा देखने को मिला।


