उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के दातागंज थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में हुई राजेश की मौत का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। दातागंज हवालात मौत सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में दिख रहा दृश्य और पुलिस के आधिकारिक बयान के बीच का फर्क अब जांच का प्रमुख आधार बन गया है।
सीसीटीवी में क्या-क्या दिखा
सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी राजेश को पानी पिलाने की कोशिश करते नजर आते हैं, लेकिन फुटेज में राजेश पानी पीने की स्थिति में भी दिखाई नहीं देता। इसी बीच जैसे ही पुलिसकर्मी उसका हाथ छोड़ते हैं, राजेश जमीन पर गिर पड़ता है। वीडियो के एक अन्य हिस्से में एक पुलिसकर्मी राजेश का कॉलर पकड़कर उसे झटका देता हुआ भी दिखता है। इसके बाद लंबे समय तक राजेश हवालात के गेट के पास जमीन पर पड़ा रहता है। हालांकि पूरी घटना वीडियो में स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड नहीं हो पाई है, जिस वजह से किसी नतीजे पर पहुंचना अभी जांच का विषय बना हुआ है।
पुलिस का पक्ष, मारपीट से इनकार
दातागंज हवालात मौत सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि पुलिसकर्मियों ने राजेश के साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की। पुलिस के अनुसार, हवालात में रहने के दौरान राजेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज
इस मामले में एक और पहलू सामने आया है। पुलिस ने परिजनों से तहरीर लेकर राजेश की मौत को लेकर उसके विपक्षियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। इसी बिंदु पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि यदि राजेश की हत्या हुई थी, तो वह पुलिस हवालात तक कैसे पहुंचा और वहीं उसकी तबीयत बिगड़ने की नौबत कैसे आई।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
दातागंज हवालात मौत सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग और तेज हो गई है। वीडियो में दिख रहे घटनाक्रम और पुलिस के आधिकारिक बयान के बीच जो अंतर नजर आ रहा है, उसकी जांच जरूरी मानी जा रही है। पुलिस कस्टडी में मौत, सामने आए सीसीटीवी फुटेज और दर्ज हुए मुकदमे — इन तीनों पहलुओं की गहन जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।


