झांसी उत्तर प्रदेश। संवाददाता सागर सैनी की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को ओरछा कांवड़ यात्रा झांसी पहुंचते ही पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के उद्घोष से मार्ग गूंज उठा। रामराजा सरकार धाम, ओरछा से रवाना हुई यह ऐतिहासिक यात्रा करीब 10 से 15 किलोमीटर का सफर तय कर झांसी पहुंची।
हजारों कांवड़िए बने यात्रा का हिस्सा
इस ओरछा कांवड़ यात्रा झांसी में संत-महंतों समेत करीब पांच से छह हजार कांवड़िए आगे-आगे चलते नजर आए। उनके पीछे सजे रथों पर भगवान भोलेनाथ, श्रीराम दरबार, भारत माता और रानी लक्ष्मीबाई की झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। यात्रा में शामिल करीब 40 डीजे भक्ति गीतों की धुन बिखेरते रहे, जिन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।
कलश यात्रा और पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
झांसी की सीमा में प्रवेश करते ही हजारों महिलाएं सिर पर कलश धारण कर ओरछा कांवड़ यात्रा झांसी में शामिल हो गईं। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं का पुष्पों से भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान खास नजारा तब देखने को मिला जब हेलीकॉप्टर से यात्रा पर फूलों की बारिश की गई, जिसे देख श्रद्धालु उत्साह से झूम उठे।
सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में हुआ जलाभिषेक
भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच यात्रा श्री श्री सिद्धेश्वरपीठ पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक किया। ओरछा कांवड़ यात्रा झांसी के समापन के इस पल को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने ली सुध
यात्रा के दौरान झांसी डीएम गौरांग राठी और एसएसपी बी बी जी टी एस मूर्ति ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया, वहीं बबीना विधायक राजीव सिंह भी श्रद्धालुओं के बीच मौजूद रहे। सभी ने सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई इस धार्मिक यात्रा को लेकर संतोष जताया।
ओरछा कांवड़ यात्रा झांसी ने एक बार फिर बुंदेलखंड क्षेत्र में शिवभक्ति और आस्था की मिसाल पेश की। प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था और श्रद्धालुओं के अनुशासन ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।


