कासगंज उत्तर प्रदेश, 19 अगस्त 2026। राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. रेनू गौड़ बुधवार को अचानक वन स्टॉप सेंटर पहुंचीं और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस औचक दौरे में उन्होंने सेंटर पर पीड़ित महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं, स्टाफ की कार्यशैली और रखे गए अभिलेखों की गहनता से पड़ताल की।
घरेलू हिंसा पीड़िता की सुनी पीड़ा
निरीक्षण के दौरान डॉ. रेनू गौड़ ने घरेलू हिंसा से जूझ रही एक महिला की व्यक्तिगत जनसुनवाई भी की। पीड़िता की समस्या को उन्होंने पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना। इसके बाद उन्होंने मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पीड़िता को नियमानुसार कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मामले में असरदार कार्रवाई हो सके।
महिला सुरक्षा को बताया सरकार की पहली प्राथमिकता
इस मौके पर डॉ. रेनू गौड़ ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की हिफाजत सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शुमार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला उत्पीड़न और घरेलू हिंसा जैसे संवेदनशील मामलों में पीड़िताओं को बिना देरी न्याय और जरूरी सहयोग मिलना चाहिए।
स्टाफ को दिए संवेदनशील व्यवहार के निर्देश
निरीक्षण के समय सेंटर मैनेजर प्रियंका यादव और काउंसलर मनीषा पाठक भी मौजूद रहीं। डॉ. रेनू गौड़ ने सेंटर की पूरी कार्यप्रणाली को समझा और स्टाफ को हिदायत दी कि पीड़ित महिलाओं के साथ हमेशा संवेदनशीलता से पेश आया जाए तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
रिपोर्ट- अनुज गुप्ता, कासगंज


