मेरठ उत्तर प्रदेश। शहर में किला रोड चौड़ीकरण की योजना एक बार फिर सुर्खियों में है। सोमवार को किला रोड व्यापार संघ का एक प्रतिनिधिमंडल मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) कार्यालय पहुंचा और प्रभारी अधिशासी अभियंता सुमित कुमार मौर्य से सीधी मुलाकात की। बैठक में व्यापारियों ने बाजार में लगाए जा रहे निशानों और प्रस्तावित चौड़ीकरण को लेकर अपनी नाराजगी और आशंकाएं खुलकर रखीं। संघ की मुख्य मांग यही रही कि विभाग इस पूरे मामले में साफ और आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक करे, जिससे बाजार में फैली अटकलों पर रोक लग सके।
200 से ज्यादा दुकानदार असमंजस में
किला रोड व्यापार संघ के अध्यक्ष और भाजपा नेता आशीष अग्रवाल ने बैठक के दौरान बताया कि किला रोड चौड़ीकरण को लेकर बाजार में तरह-तरह की बातें चल रही हैं, जिससे 200 से अधिक व्यापारी उलझन और तनाव में हैं। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि विभाग व्यापार संघ के साथ नियमित संवाद क्यों नहीं बना रहा। उनका कहना था कि जब तक भरोसेमंद जानकारी सामने नहीं आएगी, तब तक अफवाहों का बाजार गर्म रहेगा। इसी क्रम में प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर अधिकारियों को मांग पत्र और सुझाव पत्र भी सौंपा, जिसमें व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी व्यवस्था बनाने की अपील की गई।
फिलहाल थमा काम, अब होगा नया सर्वे
मौके पर मौजूद अधिशासी अभियंता सुमित कुमार मौर्य ने व्यापारियों को स्थिति साफ करते हुए बताया कि वे हाल ही में इस पद पर आए हैं। उन्होंने बताया कि मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल और व्यापार संघ की मांगों को देखते हुए फिलहाल किला रोड पर चौड़ीकरण का काम रोक दिया गया है और नए सिरे से सर्वे कराया जा रहा है। इसी सर्वे के नतीजों के आधार पर आगे की डिजाइनिंग और कार्ययोजना तय की जाएगी।
अधिकारी बोले- किसी दुकानदार का शोषण नहीं होगा
सुमित कुमार मौर्य ने स्पष्ट किया कि किला रोड चौड़ीकरण की योजना अभी भी विभाग के एजेंडे में है, लेकिन इस दौरान किसी भी दुकानदार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग सुनियोजित तरीके से आगे बढ़ रहा है और बाजार में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए जल्द ही सही जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
व्यापार संघ ने जताया आभार, विकास का किया समर्थन
बैठक के बाद आशीष अग्रवाल ने अधिकारियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया पर आभार जताया। उन्होंने साफ किया कि व्यापार संघ विकास कार्यों का विरोधी नहीं है, बल्कि चाहता है कि यह काम व्यापारियों की आजीविका को नुकसान पहुंचाए बिना पारदर्शी और न्यायसंगत ढंग से हो। इस मौके पर महामंत्री दिनेश सिंह, कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह, संगठन मंत्री मल्लिकार्जुन शर्मा, मंत्री मनीष रस्तोगी और कार्तिक गुप्ता समेत कई व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।


