उत्तर प्रदेश में झांसी के मऊरानीपुर में पुलिस की तत्परता और बस स्टाफ की ईमानदारी की एक मिसाल सामने आई है, जहां झांसी पुलिस ने ढूंढा खोया मोबाइल और उसके मालिक तक सुरक्षित पहुंचाया। बैंगलोर निवासी संदीप घोष का बस में सफर के दौरान मोबाइल फोन खो गया था। मोबाइल मिलने के बाद बस स्टाफ ने उसे ट्रैफिक इंचार्ज प्रेम सिंह को सौंप दिया।
सफर के दौरान गिरा मोबाइल, परेशान हुए संदीप
दरअसल, बैंगलोर के रहने वाले संदीप घोष बस से सफर कर रहे थे। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन कहीं गिर गया। मोबाइल खोने के बाद संदीप काफी परेशान हो गए, क्योंकि अनजान शहर में फोन के बिना उनके लिए मुश्किलें बढ़ गई थीं। हालांकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि झांसी पुलिस ने ढूंढा खोया मोबाइल इतनी जल्दी उन तक वापस पहुंचा देगी।
बस स्टाफ ने दिखाई ईमानदारी, पुलिस को सौंपा फोन
इसी बीच मोबाइल बस के स्टाफ को मिल गया। बस स्टाफ ने ईमानदारी दिखाते हुए मोबाइल को ट्रैफिक इंचार्ज प्रेम सिंह के सुपुर्द कर दिया। मोबाइल उस वक्त बंद था, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने पहले उसे चार्ज किया और मालिक तक पहुंचने के प्रयास शुरू किए।
चार्ज कर मालिक से किया संपर्क
मोबाइल चालू होने के बाद जब उस पर फोन आया, तो पुलिस ने तत्काल संदीप घोष को जानकारी दी कि उनका मोबाइल मऊरानीपुर की अंबेडकर चौकी पर सुरक्षित रखा हुआ है। इस तरह झांसी पुलिस ने ढूंढा खोया मोबाइल और सीधे उसके मालिक को सूचित कर दिया, जिससे संदीप को बड़ी राहत मिली।
चौकी पहुंचकर वापस पाया मोबाइल, जताया आभार
इसके बाद संदीप अंबेडकर चौकी पहुंचे, जहां पुलिस ने उनका खोया हुआ मोबाइल उन्हें सौंप दिया। अपना मोबाइल वापस पाकर संदीप घोष ने पुलिस और बस स्टाफ का तहे दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि झांसी पुलिस ने ढूंढा खोया मोबाइल जिस तत्परता से किया, वह वाकई सराहनीय है और इससे पुलिस के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत होता है।
झांसी (संवाददाता: सागर सैनी)।


