उत्तर प्रदेश के मेरठ में सावन के पावन महीने में देश के विभिन्न हिस्सों से सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीरें सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में मेरठ में मुस्लिम समाज ने की शिवभक्तों की सेवा कर गंगा-जमुनी तहजीब की एक मिसाल पेश की है। भारतीय किसान यूनियन संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष वकील सैफी के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
भीषण गर्मी में बांटी ठंडी शिकंजी
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर हाईवे के किनारे कांवड़ियों को ठंडी शिकंजी का वितरण किया। यात्रा से थके-हारे शिवभक्तों ने जब ठंडी शिकंजी पी, तो उन्हें गर्मी से बड़ी राहत मिली। इस दौरान मेरठ में मुस्लिम समाज ने की शिवभक्तों की सेवा का यह नजारा देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
वकील सैफी बोले- साझी संस्कृति का हिस्सा है कांवड़ यात्रा
वकील सैफी ने बताया कि कांवड़ यात्रा हमारे देश की साझी संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि धर्म चाहे कोई भी हो, राहगीरों और सेवादारों की मदद करना हर नागरिक का कर्तव्य है। शिवभक्त हमारे मेहमान हैं, और उनकी सेवा करके हमें आत्मिक शांति मिलती है। उनके इस कथन ने एक बार फिर यह साबित किया कि मेरठ में मुस्लिम समाज ने की शिवभक्तों की सेवा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे का प्रतीक है।
कांवड़ियों ने की पहल की सराहना
कांवड़ लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं ने भी मुस्लिम समाज के इस कदम की खुले दिल से सराहना की। शिवभक्तों ने कहा कि राह में मिलने वाला यह प्यार और अपनापन ही इस यात्रा को और अधिक पवित्र बनाता है। श्रद्धालुओं का कहना था कि ऐसे प्रयास समाज को जोड़ने का काम करते हैं और यात्रा के दौरान मिलने वाली इस तरह की सेवा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
नफरत फैलाने वालों को कड़ा जवाब
यह आयोजन समाज में नफरत फैलाने वाले तत्वों को कड़ा जवाब है और यह साबित करता है कि आज भी देश में आपसी मोहब्बत जिंदा है। मेरठ में मुस्लिम समाज ने की शिवभक्तों की सेवा जैसी पहलें यह संदेश देती हैं कि धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठकर इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है, और सावन के इस पावन अवसर पर गंगा-जमुनी तहजीब की यह मिसाल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
(रिपोर्ट: मनोज मिश्रा मेरठ)


