US Iran Conflict: मध्य पूर्व में कुछ दिनों की शांति के बाद एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। पिछले 72 घंटों में अमेरिका और ईरान के बीच हुई सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। अमेरिकी एयरस्ट्राइक और ईरानी ड्रोन हमलों ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को चुनौती दी है, बल्कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट पर भी संकट के बादल गहरा दिए हैं। (US Iran Conflict)
खाड़ी देशों में एक बार फिर सतर्कता बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा हालात पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो युद्धविराम की कोशिशें विफल हो सकती हैं और पूरा क्षेत्र व्यापक सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ सकता है। वैश्विक ऊर्जा बाजार भी इस बढ़ते तनाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल परिवहन होता है। (US Iran Conflict)
72 घंटे में तीन बार बढ़ा तनाव
बीते तीन दिनों में होर्मुज क्षेत्र में लगातार घटनाएं सामने आई हैं। सबसे पहले एक वाणिज्यिक जहाज पर ड्रोन हमले की खबर आई, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के तटीय क्षेत्रों और रणनीतिक ठिकानों पर कार्रवाई की। जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की। लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय फिर से युद्ध की दिशा में बढ़ रहा है। (US Iran Conflict)
Iran US Conflict: होर्मुज में ड्रोन हमला, ट्रंप ने ईरान पर लगाया सीजफायर तोड़ने का आरोप
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे रणनीतिक समुद्री मार्गों में गिना जाता है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है। इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण को लेकर लंबे समय से ईरान और अमेरिका के बीच मतभेद रहे हैं। यही कारण है कि इस क्षेत्र में होने वाली हर सैन्य गतिविधि का असर वैश्विक बाजारों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ता है। (US Iran Conflict)
अमेरिका ने किन ठिकानों को बनाया निशाना?
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी कार्रवाई का केंद्र ईरान का सिरिक तटीय क्षेत्र और केश्म द्वीप रहे। इन स्थानों को ईरान की समुद्री निगरानी और संचार प्रणाली के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सिरिक क्षेत्र में मौजूद रडार स्टेशन, कम्युनिकेशन टावर और निगरानी नेटवर्क के जरिए ईरान फारस की खाड़ी तथा ओमान की खाड़ी में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखता है। अमेरिकी हमलों का उद्देश्य इसी निगरानी क्षमता को कमजोर करना माना जा रहा है। (US Iran Conflict)
ईरान का जवाब और बढ़ती चेतावनियां
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया। ईरानी पक्ष ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट उसके अधिकार क्षेत्र का हिस्सा है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का जवाब दिया जाएगा।ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और नौसैनिक गतिविधियों को लक्ष्य बनाकर ड्रोन हमलों की कोशिश की। हालांकि, अमेरिकी रक्षा प्रणालियों ने इन ड्रोन को रास्ते में ही निष्क्रिय करने का दावा किया है। (US Iran Conflict)
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
समुद्र से हुआ अमेरिकी ऑपरेशन
बताया जा रहा है कि अमेरिका ने इस सैन्य अभियान में क्षेत्रीय देशों के एयरबेस के बजाय समुद्र में मौजूद अपने एयरक्राफ्ट कैरियर का उपयोग किया। इसका उद्देश्य संघर्ष को अन्य खाड़ी देशों तक फैलने से रोकना था। विश्लेषकों का मानना है कि यदि किसी खाड़ी देश की जमीन का इस्तेमाल किया जाता तो ईरान सीधे उस देश को भी जवाबी कार्रवाई में शामिल कर सकता था, जिससे संघर्ष का दायरा और बढ़ जाता। (US Iran Conflict)
क्या युद्धविराम खतरे में है?
हालिया घटनाओं ने युद्धविराम और कूटनीतिक प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों पक्षों के बयान पहले की तुलना में अधिक आक्रामक नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सैन्य कार्रवाइयों का यह सिलसिला जारी रहा तो क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा बढ़ सकता है। खाड़ी देशों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि किसी भी बड़े संघर्ष की स्थिति में तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है। (US Iran Conflict)
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है। दुनिया के कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा इस समुद्री मार्ग पर निर्भर है। यदि यहां किसी प्रकार का व्यवधान पैदा होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि दुनिया की प्रमुख शक्तियां इस क्षेत्र में हालात को नियंत्रण में रखने की कोशिशों (US Iran Conflict) पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking




