Telegram Ban India: नीट UG Re-Exam 2026 से ठीक पहले केंद्र सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने लाखों छात्रों और इंटरनेट यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अनुरोध पर भारत में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram की सेवाओं को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह कदम उन कथित ऑनलाइन गिरोहों पर कार्रवाई के लिए उठाया गया है, जो परीक्षा के नाम पर छात्रों को ठगने और फर्जी प्रश्नपत्र बेचने का दावा कर रहे थे।
सरकार का कहना है कि यह प्रतिबंध स्थायी नहीं बल्कि सीमित अवधि के लिए लगाया गया है। NTA और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, Telegram पर कई ऐसे चैनल और ग्रुप सक्रिय थे जो NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने का झूठा दावा कर (Telegram Ban India) अभ्यर्थियों से पैसे वसूल रहे थे। इसी को देखते हुए सख्त कदम उठाया गया।
आखिर क्यों किया गया Telegram को ब्लॉक?
NTA के मुताबिक, पिछले कुछ सप्ताह से Telegram पर बड़ी संख्या में ऐसे ग्रुप और चैनल सामने आए थे जो कथित तौर पर NEET UG Re-Exam के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर रहे थे। कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पेपर दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया। एजेंसी ने कहा कि उसे बिहार, गुजरात और राजस्थान समेत कई राज्यों की पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों से लगातार (Telegram Ban India) इनपुट मिल रहे थे। इसके बाद गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने कार्रवाई शुरू की।
फर्जी पेपर बेचने वाले गिरोह बने कार्रवाई का कारण
जांच एजेंसियों के अनुसार, कई Telegram चैनल छात्रों को फर्जी प्रश्नपत्र बेच रहे थे। इतना ही नहीं, कुछ समूह परीक्षा के बाद पुराने संदेशों को एडिट कर उनमें वास्तविक प्रश्न जोड़ देते थे, जिससे ऐसा प्रतीत हो कि उनके पास पहले से प्रश्नपत्र मौजूद था। NTA का दावा है कि इस तरह की गतिविधियों से छात्रों में भ्रम और डर का माहौल बनाया जा रहा था। यही कारण है कि सरकार ने प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रोक (Telegram Ban India) लगाने का निर्णय लिया।
Google Play Store और App Store से भी हटाया गया
सरकारी आदेश के कुछ ही घंटों बाद कई टेलीकॉम ऑपरेटरों ने Telegram की पहुंच सीमित कर दी। साथ ही ऐप को Google Play Store और Apple App Store से भी अस्थायी रूप से हटाया गया। यह पहली बार माना जा रहा है कि भारत में इतने बड़े स्तर पर इस्तेमाल होने वाले किसी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर (Telegram Ban India) इस तरह की अस्थायी रोक लगाई गई है।
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Telegram के संस्थापक Pavel Durov ने जताई नाराजगी
Telegram के संस्थापक Pavel Durov ने इस फैसले पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से भारत के करोड़ों सामान्य उपयोगकर्ताओं को परेशानी होगी। उनका कहना था कि Telegram ने पहले ही सैकड़ों ऐसे चैनल और समूह हटाए हैं जो कथित तौर पर परीक्षा सामग्री लीक करने या धोखाधड़ी से जुड़े थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि समस्या का स्रोत Telegram नहीं था और प्लेटफॉर्म लगातार ऐसे नेटवर्क के खिलाफ (Telegram Ban India) कार्रवाई कर रहा था।
30 जून तक बंद रहेगा Message Editing फीचर
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने Telegram को एक और निर्देश जारी करते हुए 30 जून तक मैसेज एडिटिंग फीचर सीमित करने को कहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी फीचर का इस्तेमाल करके कई फर्जी चैनल पुराने संदेशों को बदलकर अपने दावों को सही साबित करने की कोशिश करते थे। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से परीक्षा के बाद फर्जी स्क्रीनशॉट (Telegram Ban India) और कथित पेपर लीक के दावों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी।
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NTA ने छात्रों और अभिभावकों से की अपील
NTA के महानिदेशक ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत चैनल या समूह के झांसे में न आएं। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि NEET परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जा रही है तथा फर्जी पेपर बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही NTA ने यह भी स्वीकार किया कि Telegram पर लगी अस्थायी रोक से शिक्षा, व्यवसाय और व्यक्तिगत कार्यों के लिए प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले लाखों लोगों को असुविधा हो सकती है, लेकिन परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी माना गया।
क्या जल्द हटेगी पाबंदी?
सरकार और NTA दोनों ने संकेत दिए हैं कि यह प्रतिबंध सीमित अवधि के लिए है। जांच और पुनर्परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद सेवाओं को सामान्य किया जा सकता है। फिलहाल सभी की नजर 22 जून के बाद की स्थिति पर टिकी हुई है।
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