Champat Rai Land Deal Controversy: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। इस बार आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। Champat Rai Land Deal Controversy को लेकर किए गए दावों ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
संजय सिंह का आरोप है कि राम मंदिर के नाम पर देशभर से मिले दान के पैसों का इस्तेमाल एक ऐसी जमीन खरीदने में किया गया, जिसकी वास्तविक कीमत काफी कम थी, लेकिन उसे कई गुना अधिक मूल्य पर खरीदा गया।
24 करोड़ में खरीदी गई कथित 2.92 करोड़ की जमीन
संजय सिंह के अनुसार, 2 अप्रैल 2024 को अयोध्या में गाटा संख्या 247 की 645 वर्ग मीटर जमीन खरीदी गई। उनका दावा है कि इस जमीन का मूल्य लगभग 2 करोड़ 92 लाख 86 हजार रुपये था, लेकिन ट्रस्ट ने इसे करीब 24 करोड़ रुपये में खरीदा।
इसी आरोप के कारण Champat Rai Land Deal Controversy तेजी से सुर्खियों में आ गई है। विपक्ष का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह दानदाताओं के विश्वास से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।
हालांकि, इन आरोपों पर ट्रस्ट की ओर से अंतिम और आधिकारिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इन्हें आरोप और दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।
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नजूल भूमि को लेकर उठे सवाल
संजय सिंह ने यह भी दावा किया कि 22 जुलाई 2024 को अयोध्या के उप-जिलाधिकारी द्वारा जमीन को नजूल भूमि बताया गया था। नजूल भूमि सामान्य रूप से सरकारी नियंत्रण वाली जमीन मानी जाती है और इसके खरीद-फरोख्त को लेकर विशेष नियम लागू होते हैं।
यही कारण है कि Champat Rai Land Deal Controversy का दूसरा बड़ा पहलू इस जमीन की कानूनी स्थिति बन गया है। विपक्ष सवाल उठा रहा है कि यदि जमीन की प्रकृति को लेकर विवाद था, तो खरीद प्रक्रिया किस आधार पर पूरी हुई।
दान और चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप
संजय सिंह ने केवल जमीन खरीद पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि उन्होंने राम मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि करोड़ों रुपये के चंदे में अनियमितताएं हुई हैं और कुछ लोगों ने मिलीभगत से आर्थिक लाभ उठाया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में मौजूद कई दान पात्रों से प्रतिदिन लाखों रुपये की कथित चोरी होती रही। इन दावों के बाद Champat Rai Land Deal Controversy केवल जमीन खरीद तक सीमित नहीं रही, बल्कि ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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CCTV फुटेज डिलीट किए जाने का दावा (Champat Rai Land Deal Controversy)
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की लगभग आठ महीने की फुटेज डिलीट कर दी गई। उनका कहना है कि ऐसा कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताओं को छिपाने के लिए किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों की ओर से भी इन दावों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
ट्रस्ट भंग करने की मांग से बढ़ा विवाद
विवाद के बीच संजय सिंह ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने और आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल Champat Rai Land Deal Controversy राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बनी हुई है। जब तक किसी सक्षम जांच एजेंसी या आधिकारिक रिपोर्ट द्वारा सभी तथ्यों को स्पष्ट नहीं किया जाता, तब तक यह मामला चर्चा और बहस का केंद्र बना रहेगा। वहीं, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े होने के कारण इस विवाद पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।
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