GS Malik Gujarat DGP: गुजरात पुलिस को नया मुखिया मिल गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी GS Malik Gujarat DGP के रूप में सोमवार को गांधीनगर में पदभार ग्रहण कर चुके हैं। राज्य सरकार ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए पुलिस विभाग की कमान दी है। इससे पहले 1992 बैच के डॉ. के.एल.एन. राव कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे।
ज्ञानेंद्र सिंह मलिक का नाम लंबे समय से गुजरात पुलिस के सबसे सक्रिय और प्रभावशाली अधिकारियों में गिना जाता रहा है। उनकी नियुक्ति को राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।
कौन हैं जी एस मलिक?
हरियाणा मूल के ज्ञानेंद्र सिंह मलिक भारतीय पुलिस सेवा के अनुभवी अधिकारियों में शामिल हैं। अपने अनुशासित कार्यशैली, फिटनेस और तेज फैसलों के लिए वे जाने जाते हैं। पुलिस महकमे में उनकी पहचान ऐसे अधिकारी की है जो फील्ड में रहकर काम करना पसंद करते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी नेतृत्व संभालने की क्षमता रखते हैं।
GS Malik Gujarat DGP बनने से पहले अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने कई बड़े ऑपरेशन और कानून-व्यवस्था से जुड़े संवेदनशील मामलों को सफलतापूर्वक संभाला।
Read : WFH से लेकर सोने की खरीद रोकने तक… जंग के खतरे पर PM मोदी की फिर बड़ी अपील
अहमदाबाद के बुलडोजर एक्शन से मिली राष्ट्रीय पहचान
जी एस मलिक का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में तब आया जब उन्होंने अहमदाबाद के चंडोला झील क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्रवाई का नेतृत्व किया। यह इलाका लंबे समय से अवैध कब्जों और अवैध रूप से रह रहे लोगों को लेकर सुर्खियों में था।
प्रशासन द्वारा चलाए गए इस अभियान में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाया गया। इस कार्रवाई को गुजरात के सबसे बड़े बुलडोजर अभियानों में से एक माना गया। उस समय GS Malik Gujarat DGP की सख्त कार्यशैली और प्रशासनिक क्षमता की काफी चर्चा हुई थी।
अमित शाह के भरोसेमंद अधिकारियों में गिनती
पुलिस और प्रशासनिक हलकों में जी एस मलिक को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भरोसेमंद अधिकारियों में भी माना जाता है। सुरक्षा मामलों, कानून-व्यवस्था और संवेदनशील ऑपरेशनों में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें एक मजबूत प्रशासक के रूप में देखा जाता है।
उनकी कार्यशैली का सबसे बड़ा पहलू यह है कि वे केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर हालात का जायजा लेते हैं। यही वजह है कि वे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच भी लोकप्रिय माने जाते हैं।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
क्यों खास मानी जा रही है यह नियुक्ति?
गुजरात सरकार द्वारा वरिष्ठता क्रम में कुछ अधिकारियों को पीछे छोड़ते हुए जी एस मलिक को डीजीपी बनाना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सरकार परिणाम देने वाले अधिकारियों पर भरोसा जता रही है।
राज्य में आने वाले समय में कानून-व्यवस्था, संगठित अपराध, साइबर अपराध और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। ऐसे में GS Malik Gujarat DGP की नियुक्ति को एक रणनीतिक फैसला माना जा रहा है।
गुजरात पुलिस के सामने क्या होंगी चुनौतियां?
नए डीजीपी के रूप में जी एस मलिक के सामने कई अहम चुनौतियां होंगी। साइबर अपराधों में बढ़ोतरी, शहरी सुरक्षा, महिला सुरक्षा, संगठित अपराध पर नियंत्रण और आधुनिक पुलिसिंग को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर के रूप में उनके अनुभव का लाभ पूरे राज्य को मिलेगा। GS Malik Gujarat DGP के नेतृत्व में गुजरात पुलिस तकनीक आधारित और अधिक प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
गुजरात पुलिस के भविष्य पर टिकी निगाहें
GS Malik Gujarat DGP की नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि गुजरात पुलिस के लिए नई दिशा का संकेत है। अहमदाबाद में उनकी उपलब्धियां, सख्त प्रशासनिक छवि और सक्रिय कार्यशैली उन्हें इस पद के लिए मजबूत विकल्प बनाती हैं। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि गुजरात पुलिस उनके नेतृत्व में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में किस तरह नए मानक स्थापित करती है।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking




