राजनीति : संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बीचे दिन रविवार को जनसंख्या में गिरावट को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि जनसंख्या में गिरावट चिंता का विषय है। जनसंख्या वृद्धि दर 2.1 होना चाहिए। इससे कम हुई तो यह समाज के लिए बड़ा खतरा है। जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट समाज के लिए ठीक नहीं है। दो से तीन बच्चे होने चाहिए और यह समाज को जीवित रखने के लिए जरूरी है। RSS चीफ के इस बयान पर अब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा है कि मैं मोहन भागवत से पूछना चाहता हूं कि वह ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को क्या देंगे? क्या वह अधिक बच्चे पैदा करने वालों के बैंक अकाउंट में 1500 रुपये देंगे? वह (भागवत) औलाद पैदा करे स्कीम निकालेंगे क्या? जब मोहन भागवत अपने किसी करीबी को मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्हें इसके लिए कोई योजना लानी चाहिए।
राजनीति : मुस्लिम समुदाय में जन्म दर सबसे कम
मालेगांव में एक सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खुद कहा था कि जिनके ज्यादा बच्चे हैं, उन्हें अपना मंगलसूत्र उतारकर दूसरा पहन लेना चाहिए। उनका कहना है कि मुस्लिम आबादी बहुत ज्यादा बढ़ा रहे हैं लेकिन वे इसे बदनाम कर रहे हैं। अब मोहन भागवत कहते हैं तीन बच्चे पैदा करें। मुस्लिम समुदाय में जन्म दर सबसे कम है।
राजनीति : भागवत ने कहा था 2-3 बच्चे पैदा करे
गौरतलब है कि संघ प्रमुख ने अपने बयान में कहा था कि जब किसी समाज की जनसंख्या (प्रजनन दर) 2.1 से नीचे चली जाती है, तो वह समाज धरती से लुप्त हो जाता है। जनसंख्या 2.1 से नीचे नहीं जानी चाहिए। हमारे देश की जनसंख्या नीति 1998 या 2002 में तय की गई थी। इसमें यह भी कहा गया है कि किसी समाज की जनसंख्या 2.1 से नीचे नहीं जानी चाहिए।



