IndiGo Flight Smoke Incident: IndiGo की एक फ्लाइट में मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब टेकऑफ से ठीक पहले विमान के केबिन और कॉकपिट में धुआं दिखाई देने लगा। यह घटना Kempegowda International Airport पर हुई, जहां बेंगलुरु से चेन्नई जा रही फ्लाइट 6E6017 को तुरंत रोक दिया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान में सवार 230 से अधिक यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को इमरजेंसी स्लाइड्स के जरिए बाहर निकाला गया। इस दौरान दो यात्रियों को मामूली चोटें आईं।
घटना के बाद विमानन नियामक Directorate General of Civil Aviation यानी डीजीसीए ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं विमान को तकनीकी जांच और सुधार के लिए फिलहाल उड़ान भरने से रोक दिया गया है।
टेकऑफ से पहले अचानक फैला धुआं
जानकारी के मुताबिक IndiGo Flight Smoke Incident उस समय हुआ जब एयरबस A321 विमान रनवे की ओर बढ़ रहा था। विमान को पार्किंग बे से पुशबैक किए जाने के बाद जैसे ही वह टैक्सीवे पर आगे बढ़ा, तभी कॉकपिट और केबिन में धुआं दिखाई दिया।
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विमान में धुआं दिखते ही चालक दल ने तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया। यात्रियों को बिना देरी किए विमान से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। एयरलाइन के अनुसार, सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित टर्मिनल तक पहुंचा दिया गया।
इमरजेंसी स्लाइड्स से बाहर निकाले गए यात्री
डीजीसीए के मुताबिक, विमान से यात्रियों को निकालने के लिए सभी इमरजेंसी एस्केप स्लाइड्स का इस्तेमाल किया गया। अचानक हुई इस इमरजेंसी के कारण कुछ यात्रियों में घबराहट का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान से धुआं निकलते देख यात्रियों में अफरातफरी मच गई थी। कई यात्री जल्दबाजी में स्लाइड्स के जरिए नीचे उतरते समय फिसल गए। इसी दौरान दो लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। IndiGo Flight Smoke Incident के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
एयरलाइन ने जारी किया बयान
IndiGo Official Website ने घटना के बाद बयान जारी करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। एयरलाइन ने बताया कि धुआं दिखाई देने के तुरंत बाद सभी जरूरी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
एयरलाइन ने यह भी कहा कि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई ताकि उन्हें चेन्नई भेजा जा सके। टर्मिनल पर यात्रियों के लिए सहायता टीम भी तैनात की गई थी।
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क्या होता है ‘पुशबैक’?
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, पुशबैक वह प्रक्रिया होती है जिसमें विमान को विशेष वाहन की मदद से पार्किंग बे से पीछे धकेलकर रनवे की ओर लाया जाता है। चूंकि अधिकांश विमानों में रिवर्स गियर नहीं होता, इसलिए यह प्रक्रिया जरूरी होती है।
इसी दौरान यदि किसी तकनीकी गड़बड़ी, वायरिंग फॉल्ट या एयर कंडीशनिंग सिस्टम में समस्या आती है, तो धुआं फैलने जैसी स्थिति बन सकती है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि IndiGo Flight Smoke Incident के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
तकनीकी जांच शुरू
डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि विमान को फिलहाल ग्राउंडेड रखा गया है और विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है। जांच में इंजन सिस्टम, इलेक्ट्रिकल वायरिंग, एयर कंडीशनिंग यूनिट और कॉकपिट सिस्टम की विशेष रूप से जांच होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक विमानों में सुरक्षा के कई स्तर होते हैं, जिसके चलते समय रहते धुआं दिखने पर बड़े हादसे को टाला जा सकता है।
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यात्रियों ने बताया भयावह अनुभव
कुछ यात्रियों ने बताया कि पहले हल्की जलने जैसी गंध महसूस हुई, जिसके बाद केबिन में धुआं दिखाई देने लगा। इसके तुरंत बाद क्रू मेंबर्स ने तेजी से यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया।
एक यात्री ने कहा कि स्थिति अचानक इतनी गंभीर हो गई कि लोगों को समझ नहीं आया क्या हो रहा है। हालांकि क्रू की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की वजह से सभी सुरक्षित बाहर निकल सके। IndiGo Flight Smoke Incident के बाद सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
हाल के वर्षों में विमानन क्षेत्र में तकनीकी गड़बड़ियों की घटनाएं बढ़ने के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इमरजेंसी सिस्टम और प्रशिक्षित क्रू की वजह से अधिकांश मामलों में यात्रियों की जान सुरक्षित बच जाती है।
फिलहाल डीजीसीए की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि धुआं फैलने की असली वजह क्या थी और क्या किसी तकनीकी लापरवाही की भूमिका रही।
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