Mohan Bhagwat Lucknow Visit: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मोहन भागवत के लखनऊ दौरे (Mohan Bhagwat Lucknow Visit) को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। तीन दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे मोहन भागवत संगठन के कई अहम कार्यक्रमों और रणनीतिक बैठकों में हिस्सा लेने वाले हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे में संघ के भविष्य के रोडमैप और संगठन विस्तार को लेकर बड़े फैसलों पर चर्चा हो सकती है।
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RSS कार्यकर्ता विकास शिविर में शामिल होंगे भागवत
लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम (सामान्य)’ शिविर संघ के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोहन भागवत के लखनऊ दौरे (Mohan Bhagwat Lucknow Visit) के दौरान भागवत प्रशिक्षण ले रहे स्वयंसेवकों से सीधा संवाद करेंगे। इस शिविर का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को वैचारिक और संगठनात्मक रूप से मजबूत बनाना है।
संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा देने के लिए प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की बड़ी भूमिका रहने वाली है। यही वजह है कि मोहन भागवत इस शिविर में बौद्धिक सत्रों और संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले हैं।
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अभियान और संगठन विस्तार पर होगा बड़ा मंथन
सूत्रों के मुताबिक, मोहन भागवत के लखनऊ दौरे (Mohan Bhagwat Lucknow Visit) के दौरान संघ के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के साथ कई अहम बैठकें होंगी। इन बैठकों में संगठन के वर्तमान अभियानों, ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार और युवाओं को जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
संघ का फोकस अब जमीनी स्तर पर अपनी पहुंच को और मजबूत करने पर है। यही कारण है कि प्रचारकों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों से फीडबैक लिया जाएगा। संगठन यह समझने की कोशिश करेगा कि किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है और किस तरह नई योजनाओं को प्रभावी बनाया जाए।
प्रचारकों की राय से तैयार होगा नया रोडमैप
संघ की खास रणनीति यह है कि फैसले केवल शीर्ष स्तर पर न हों, बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं की राय भी उसमें शामिल हो। मोहन भागवत के लखनऊ दौरे (Mohan Bhagwat Lucknow Visit) के दौरान प्रचारकों और स्वयंसेवकों से सुझाव मांगे जाएंगे। इन्हीं प्रतिक्रियाओं के आधार पर भविष्य की योजनाओं का खाका तैयार किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि RSS आने वाले वर्षों में सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करने की तैयारी में है। ऐसे में यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
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फरवरी दौरे का विस्तार माना जा रहा मौजूदा कार्यक्रम
इससे पहले फरवरी 2026 में भी मोहन भागवत लखनऊ आए थे। उस समय भी कई संगठनात्मक बैठकों में उन्होंने हिस्सा लिया था। अब मौजूदा दौरे को उसी प्रक्रिया का अगला चरण माना जा रहा है। मोहन भागवत के लखनऊ दौरे (Mohan Bhagwat Lucknow Visit) लगातार यह संकेत दे रहा है कि संघ अपनी रणनीति को नए तरीके से मजबूत करने में जुटा है।
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क्यों खास है मोहन भागवत का यह दौरा?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह दौरा केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। मोहन भागवत के लखनऊ दौरे (Mohan Bhagwat Lucknow Visit) के जरिए संघ आने वाले समय की चुनौतियों, संगठन विस्तार और नई पीढ़ी को जोड़ने की रणनीति पर गंभीर मंथन कर रहा है। यही वजह है कि इस दौरे पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।
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