By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Joint Property Ownership: जॉइंट प्रॉपर्टी में मालिकाना हक का नियम, पार्टनर की मौत के बाद किसे मिलती है संपत्ति?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > बिज़नेस > Joint Property Ownership: जॉइंट प्रॉपर्टी में मालिकाना हक का नियम, पार्टनर की मौत के बाद किसे मिलती है संपत्ति?
बिज़नेस

Joint Property Ownership: जॉइंट प्रॉपर्टी में मालिकाना हक का नियम, पार्टनर की मौत के बाद किसे मिलती है संपत्ति?

Manisha
Last updated: 2026-05-09 11:35 पूर्वाह्न
Manisha Published 2026-05-09
Share
Joint Property Ownership
Joint Property Ownership: जॉइंट प्रॉपर्टी में मालिकाना हक का नियम, पार्टनर की मौत के बाद किसे मिलती है संपत्ति?
SHARE

Joint Property Ownership: भारत में तेजी से बढ़ती प्रॉपर्टी खरीद और निवेश के दौर में Joint Property Ownership अब बेहद आम हो चुका है। पति-पत्नी, भाई-बहन, बिजनेस पार्टनर या माता-पिता और बच्चों के बीच संयुक्त रूप से संपत्ति खरीदने का चलन लगातार बढ़ रहा है। लेकिन अक्सर लोग एक अहम कानूनी पहलू को नजरअंदाज कर देते हैं, अगर जॉइंट प्रॉपर्टी में शामिल किसी एक पार्टनर की मौत हो जाए, तो उस संपत्ति का मालिक कौन बनता है?

Contents
Joint Property Ownership में क्या होता है नियम?भारत में किस तरह की ओनरशिप ज्यादा प्रचलित?वसीयत का कितना होता है असर?क्या नॉमिनी ही बन जाता है मालिक?क्यों बढ़ रहे हैं प्रॉपर्टी विवाद?प्रॉपर्टी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?बदलते दौर में बढ़ी कानूनी जागरूकता की जरूरत

यही सवाल आज कई परिवारों में विवाद और कानूनी लड़ाई की वजह बन रहा है। अधिकांश लोगों को लगता है कि किसी एक को-ओनर की मृत्यु के बाद पूरी प्रॉपर्टी अपने आप दूसरे पार्टनर के नाम हो जाती है, लेकिन भारतीय कानून में हर मामले में ऐसा नहीं होता। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि संपत्ति किस प्रकार की Joint Property Ownership के तहत खरीदी गई थी।

Joint Property Ownership में क्या होता है नियम?

भारतीय कानून में संयुक्त संपत्ति के दो प्रमुख ढांचे माने जाते हैं, Joint Tenancy और Tenancy in Common। दोनों व्यवस्थाओं में मालिकाना हक और उत्तराधिकार के नियम अलग-अलग होते हैं। यही अंतर भविष्य में कानूनी विवादों का कारण बनता है।

अगर किसी प्रॉपर्टी को Joint Tenancy के तहत खरीदा गया है, तो उसमें “Right of Survivorship” लागू होता है। इसका मतलब है कि किसी एक मालिक की मृत्यु होने पर उसका हिस्सा सीधे दूसरे जीवित पार्टनर को ट्रांसफर हो जाता है। इस प्रक्रिया में वसीयत या उत्तराधिकार कानून की भूमिका नहीं होती।

Read More: प्राइवेट PF ट्रस्टों पर सख्ती, ब्याज दरों पर लगा 2% कैप, बदला ऑडिट सिस्टम

दूसरी ओर, अगर संपत्ति Tenancy in Common के तहत खरीदी गई है, तो मृतक का हिस्सा दूसरे को-ओनर को नहीं बल्कि उसके कानूनी वारिसों को मिलता है। ऐसे मामलों में वसीयत, उत्तराधिकार कानून और फैमिली क्लेम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारत में किस तरह की ओनरशिप ज्यादा प्रचलित?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार भारत में ज्यादातर Joint Property Ownership मामलों को Tenancy in Common माना जाता है, क्योंकि प्रॉपर्टी दस्तावेजों में अक्सर “Right of Survivorship” का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया जाता। यही वजह है कि किसी एक पार्टनर की मृत्यु के बाद उसके बच्चे, पत्नी, माता-पिता या अन्य कानूनी वारिस उस हिस्से पर दावा कर सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर, यदि पति-पत्नी ने मिलकर एक फ्लैट खरीदा है और दस्तावेज में Joint Tenancy का जिक्र नहीं है, तो पति की मृत्यु के बाद उसका हिस्सा केवल पत्नी को नहीं मिलेगा। उस हिस्से पर बच्चों या अन्य कानूनी वारिसों का भी अधिकार बन सकता है।

वसीयत का कितना होता है असर?

Joint Property Ownership में वसीयत की भूमिका भी ओनरशिप के प्रकार पर निर्भर करती है। अगर संपत्ति Joint Tenancy के तहत है, तो मृतक अपनी वसीयत के जरिए अपना हिस्सा किसी और को नहीं दे सकता, क्योंकि उसकी मृत्यु के साथ ही हिस्सा स्वतः दूसरे को-ओनर के नाम ट्रांसफर हो जाता है।

लेकिन Tenancy in Common में वसीयत बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। यहां मालिक अपने हिस्से को अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी व्यक्ति या वारिस को ट्रांसफर कर सकता है। यदि वसीयत नहीं है, तो उत्तराधिकार कानून लागू होंगे।

Read More: क्या आप भी दे रहे हैं सोने पर डबल टैक्स? ज्वेलरी खरीदने से पहले समझ लें पूरा गणित

क्या नॉमिनी ही बन जाता है मालिक?

प्रॉपर्टी मामलों में एक और बड़ी गलतफहमी Nominee को लेकर होती है। लोग मान लेते हैं कि अगर किसी व्यक्ति का नाम नॉमिनी है, तो वही संपत्ति का मालिक बन जाएगा। जबकि भारतीय कानून के अनुसार नॉमिनी केवल एक ट्रस्टी या केयरटेकर होता है।

असली मालिकाना हक वसीयत, उत्तराधिकार कानून या कानूनी वारिसों के आधार पर तय होता है। सुप्रीम कोर्ट भी कई फैसलों में साफ कर चुका है कि Nominee अंतिम मालिक नहीं माना जा सकता।

क्यों बढ़ रहे हैं प्रॉपर्टी विवाद?

देश में संपत्ति से जुड़े मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह Joint Property Ownership को लेकर जागरूकता की कमी है। लोग दस्तावेजों को ठीक से समझे बिना ही संयुक्त संपत्ति खरीद लेते हैं और बाद में परिवारों के बीच विवाद शुरू हो जाते हैं।

Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

कई मामलों में यह भी देखा गया है कि को-ओनर्स को खुद नहीं पता होता कि उनकी संपत्ति किस श्रेणी में आती है। ऐसे में किसी एक सदस्य की मृत्यु के बाद कानूनी प्रक्रिया लंबी और जटिल हो जाती है।

प्रॉपर्टी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?

कानूनी विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि संयुक्त संपत्ति खरीदते समय ओनरशिप स्ट्रक्चर को स्पष्ट रूप से दस्तावेजों में दर्ज कराना बेहद जरूरी है। इसके अलावा वसीयत तैयार करना, कानूनी सलाह लेना और फैमिली एग्रीमेंट बनाना भविष्य के विवादों को रोक सकता है।

अगर किसी परिवार में बड़ी संपत्ति या बिजनेस एसेट्स हैं, तो Estate Planning और Succession Planning पहले से करना समझदारी माना जाता है। इससे वारिसों के बीच तनाव और कानूनी लड़ाई की संभावना काफी कम हो जाती है।

बदलते दौर में बढ़ी कानूनी जागरूकता की जरूरत

आज के समय में Joint Property Ownership केवल निवेश का मामला नहीं रह गया, बल्कि यह कानूनी और पारिवारिक सुरक्षा से भी जुड़ा विषय बन चुका है। संपत्ति खरीदने से पहले उसके कानूनी ढांचे को समझना उतना ही जरूरी है जितना उसकी कीमत और लोकेशन देखना।

विशेषज्ञ मानते हैं कि सही जानकारी और स्पष्ट दस्तावेज भविष्य में परिवारों को बड़े विवादों से बचा सकते हैं। इसलिए किसी भी जॉइंट प्रॉपर्टी डील से पहले कानूनी नियमों को समझना अब जरूरत बन चुका है।

पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking

You Might Also Like

FD Claim Process: बिना नॉमिनी और वसीयत के भी मिल सकता है FD का पैसा, जानिए क्या है पूरा कानूनी प्रोसेस

EPFO New Rules: प्राइवेट PF ट्रस्टों पर सख्ती, ब्याज दरों पर लगा 2% कैप, बदला ऑडिट सिस्टम

Gold GST Rules: क्या आप भी दे रहे हैं सोने पर डबल टैक्स? ज्वेलरी खरीदने से पहले समझ लें पूरा गणित

Crude Oil Price Impact: कच्चे तेल की गिरावट से रुपया मजबूत, डॉलर को मिली कड़ी टक्कर

West Bengal 7th Pay Commission: BJP जीत के बाद कर्मचारियों को बड़ी राहत, सैलरी में होगा बंपर इजाफा

TAGGED:co owner property rulesestate planning Indiainheritance laws Indiajoint property legal rightsJoint Property Ownershipjoint tenancy vs tenancy in commonnominee property rightsproperty inheritance rules Indiaproperty ownership transferproperty succession law
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Akhilesh Yadav Remark
उत्तर प्रदेशराजनीति

West Bengal Politics: दीदी थीं, दीदी रहेंगी… बंगाल रिजल्ट से पहले अखिलेश का संदेश

ShreeJi ShreeJi 2026-05-03
E-Newspaper 06/05/2026
Dhyan Mandir Inauguration: PM मोदी का बड़ा आध्यात्मिक दौरा, 10 मई को ‘ध्यान मंदिर’ का करेंगे उद्घाटन
Flipkart Smartphone Sale: iPhone 17 से Samsung Galaxy S25 तक सस्ते में खरीदने का मौका, जानें पूरी डील
Tamil Nadu Election 2026: सिनेमा से सत्ता तक, विजय ने कैसे रचा तमिलनाडु में नया इतिहास
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?