Andhra Pradesh Defence Hub: भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देने वाला एक बड़ा फैसला आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी से जुड़ गया है. केंद्र सरकार और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने यहां देश के सबसे आधुनिक फाइटर जेट निर्माण केंद्र की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है. Andhra Pradesh Defence Hub के रूप में विकसित होने जा रहे इस प्रोजेक्ट में करीब 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया गया है.
इस परियोजना के तहत भारत के फिफ्थ जेनरेशन स्टेल्थ फाइटर जेट Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) का निर्माण किया जाएगा. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट भारत को वैश्विक रक्षा निर्माण क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है.
पुट्टपर्थी में बनेगा अत्याधुनिक फाइटर जेट प्लांट
आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने DRDO को 600 एकड़ जमीन देने की मंजूरी दे दी है. यह जमीन श्री सत्य साई जिले के पुट्टपर्थी क्षेत्र में दी जाएगी, जहां अत्याधुनिक विमान निर्माण और टेस्टिंग सुविधाएं तैयार की जाएंगी.
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Andhra Pradesh Defence Hub बनने जा रहे इस क्षेत्र में लगभग 140 AMCA फाइटर जेट्स के निर्माण की योजना है. यह परियोजना केवल सैन्य उत्पादन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इससे बड़े स्तर पर रोजगार, तकनीकी विकास और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा.
रक्षा मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस फैसिलिटी में प्रोटोटाइप असेंबली, ग्राउंड टेस्टिंग और फ्लाइट टेस्टिंग जैसी सभी महत्वपूर्ण गतिविधियां होंगी.
बेंगलुरु से नजदीकी बना सबसे बड़ा फायदा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, AMCA के डिजाइन, रिसर्च और कुछ मॉड्यूल असेंबली का काम बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) में किया जाएगा. इसके बाद मॉड्यूल को पुट्टपर्थी भेजा जाएगा, जहां अंतिम असेंबली और परीक्षण होगा.
विशेषज्ञों का कहना है कि Andhra Pradesh Defence Hub के लिए पुट्टपर्थी का चयन रणनीतिक रूप से बेहद अहम है. यह इलाका कर्नाटक सीमा के पास है और बेंगलुरु से इसकी दूरी काफी कम है. इसके अलावा यहां एयरस्पेस ट्रैफिक कम होने के कारण फ्लाइट टेस्टिंग में आसानी होगी.
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, बेंगलुरु एयरपोर्ट और आसपास का एयरस्पेस पहले से काफी व्यस्त है, इसलिए वहां इस तरह की विशाल टेस्टिंग रेंज बनाना संभव नहीं था. यही वजह है कि DRDO लंबे समय से वैकल्पिक जगह की तलाश कर रहा था.
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निजी कंपनियां भी होंगी शामिल
इस महत्वाकांक्षी AMCA प्रोजेक्ट में कई बड़ी निजी कंपनियां भी भागीदारी करेंगी. जानकारी के अनुसार, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और भारत फोर्ज जैसी कंपनियों को इस प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है.
Andhra Pradesh Defence Hub के तहत बनने वाली यह यूनिट केवल विमान निर्माण नहीं करेगी, बल्कि इससे जुड़ी सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी और रिसर्च सेक्टर में भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता आत्मनिर्भर बनेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी.
मुख्यमंत्री नायडू की रणनीति हुई सफल
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू लंबे समय से इस परियोजना को राज्य में लाने की कोशिश कर रहे थे. पिछले साल उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर AMCA प्रोडक्शन यूनिट को आंध्र प्रदेश में स्थापित करने की मांग की थी.
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अब Andhra Pradesh Defence Hub के रूप में यह सपना साकार होता नजर आ रहा है. राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए न सिर्फ जमीन उपलब्ध कराई है, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए हाउसिंग टाउनशिप और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं का भी प्रस्ताव दिया है.
कर्नाटक और आंध्र के बीच बढ़ी थी प्रतिस्पर्धा
जब पहली बार AMCA यूनिट को आंध्र प्रदेश में स्थापित करने की चर्चा सामने आई थी, तब कर्नाटक में इसका विरोध देखने को मिला था. कर्नाटक सरकार और वहां के कुछ नेताओं का मानना था कि इससे बेंगलुरु की एयरोस्पेस इंडस्ट्री को नुकसान हो सकता है.
हालांकि आखिरकार Andhra Pradesh Defence Hub के रूप में पुट्टपर्थी को चुना गया और यह परियोजना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
भारत की रक्षा ताकत को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
AMCA प्रोजेक्ट भारत के सबसे महत्वपूर्ण रक्षा कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है. यह फिफ्थ जेनरेशन स्टेल्थ फाइटर जेट आधुनिक तकनीक, एडवांस सेंसर और हाई लेवल कॉम्बैट सिस्टम से लैस होगा.
विशेषज्ञों के अनुसार, Andhra Pradesh Defence Hub बनने से भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी. साथ ही हजारों युवाओं को रोजगार और हाई-टेक इंडस्ट्री में अवसर भी मिलेंगे.
इस प्रोजेक्ट के जरिए भारत न केवल अपनी सैन्य जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य में रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी मजबूत स्थिति बना सकता है.
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