Exit Poll Effects: भारतीय शेयर बाजार के लिए कल का दिन किसी अग्नि-परीक्षा से कम नहीं होने वाला है। पश्चिम बंगाल और असम में विधानसभा चुनावों के मतदान संपन्न होने के बाद आए एग्जिट पोल्स ने एक ऐसी तस्वीर पेश की है, जिसे बाजार आमतौर पर ‘सलाम’ करता है। राजनीतिक स्थिरता और सत्तारूढ़ दल की मजबूत पकड़ निवेशकों के लिए भरोसे का सबसे बड़ा पैमाना होती है। एग्जिट पोल्स के रुझान अगर हकीकत में बदलते हैं, तो कल बाजार खुलते ही हमें ‘गैप-अप’ (Gap-up) ओपनिंग के साथ एक जबरदस्त तेजी देखने को मिल सकती है। खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने के आसार हैं। (Exit Poll Effects)
हालांकि, शेयर बाजार की यह बढ़त केवल भावनाओं पर टिकी नहीं होगी। असम में जहां Axis My India और JVC जैसे पोलस्टर्स ने बीजेपी नीत एनडीए के लिए 88 से 100 से ज्यादा सीटों का अनुमान लगाया है, वहीं बंगाल में Praja Poll और Chanakya Strategies जैसे सर्वे ने बीजेपी को बहुमत के पार दिखाया है। बाजार को लगता है कि अगर इन राज्यों में बीजेपी की स्थिति मजबूत होती है, तो केंद्र सरकार के सुधारवादी एजेंडे को और गति मिलेगी। लेकिन क्या विदेशी संकेतों का दबाव इस घरेलू उत्साह को ठंडा कर देगा? यह कल सुबह की पहली घंटी तय करेगी। (Exit Poll Effects)
‘गिफ्ट निफ्टी’ और ग्लोबल दबाव का साया
राजनीतिक महत्व के बावजूद, बाजार के शुरुआती संकेत थोड़े सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। GIFT Nifty फिलहाल 100 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है, जो घरेलू इक्विटी के लिए एक सुस्त शुरुआत का इशारा है। Garud Investment Managers के एवीपी विष्णु त्रिपाठी के अनुसार,’इस तरह के घटनाक्रम निवेशकों को स्टेट लेवल पर अपेक्षित नीतिगत दिशा के आधार पर अपनी स्थितियों का फिर से आकलन करने के लिए प्रेरित करते हैं. राज्य चुनावों के नतीजे रीजनल पॉलिसी के एग्जीक्यूशन, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और औद्योगिक विकास की प्राथमिकताओं पर असर डालते हैं.’ (Exit Poll Effects)
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किन शेयरों में दिखेगा ‘पावर’?
अगर एग्जिट पोल्स के नतीजे सकारात्मक रहते हैं, तो बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल देखी जा सकती है। बाजार के जानकारों का मानना है कि नई सरकार के आने या पुरानी के बने रहने से स्थानीय स्तर पर विकास परियोजनाओं को गति मिलती है। हालांकि, लंबे समय में बाजार की दिशा राज्यों के नतीजों से ज्यादा कंपनियों की कमाई (Earnings), महंगाई और वैश्विक ब्याज दरों पर निर्भर करेगी। बुधवार को हमने देखा कि सेंसेक्स 600 अंक चढ़ा और निफ्टी 24,100 के पार बंद हुआ, जिसका श्रेय कंपनियों के मजबूत नतीजों को दिया गया। (Exit Poll Effects)
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तेजी के रास्ते में ‘स्पीड ब्रेकर’
बाजार के लिए राह इतनी भी आसान नहीं है। ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल (Crude Oil) 110 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर के करीब है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और कमजोर होता रुपया बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव बना रहा है। Livelong Wealth के हरिप्रसाद का कहना है, ‘इसका मुख्य कारण कमाई थी. मजबूत नतीजों ने घरेलू मांग और बैलेंस शीट की मज़बूती में भरोसा बढ़ाया.’ इसका मतलब है कि अगर एग्जिट पोल का असर फीका पड़ा, तो बाजार फिर से फंडामेंटल्स की ओर मुड़ जाएगा। (Exit Poll Effects)
क्या कहता है चार्ट?
तकनीकी तौर पर निफ्टी एक बेहद अहम मोड़ पर खड़ा है। LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का मानना है, ‘निफ्टी ने अहम सपोर्ट लेवल को तो थामे रखा है, लेकिन इसमें अभी दिशा को लेकर कोई स्पष्टता नहीं दिख रही है.’ ऐसे में कल निवेशकों को बहुत सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है। एग्जिट पोल की प्रतिक्रिया व्यापक होने के बजाय ‘चुनिंदा’ (Selective) हो सकती है। यानी बाजार कुछ खास सेक्टरों में तो खुशियां मनाएगा, लेकिन इंडेक्स की कुल चाल वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों के इशारे पर ही नाचेगी। (Exit Poll Effects)
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