By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Himalayan Glacier Lakes की निगरानी बना बड़ा चुनौतीपूर्ण मिशन, संवेदनशील झीलों पर बढ़ी चिंता
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > उत्तराखंड > Himalayan Glacier Lakes की निगरानी बना बड़ा चुनौतीपूर्ण मिशन, संवेदनशील झीलों पर बढ़ी चिंता
उत्तराखंड

Himalayan Glacier Lakes की निगरानी बना बड़ा चुनौतीपूर्ण मिशन, संवेदनशील झीलों पर बढ़ी चिंता

Manisha
Last updated: 2026-04-29 1:37 अपराह्न
Manisha Published 2026-04-29
Share
Himalayan Glacier Lakes
Himalayan Glacier Lakes की निगरानी बना बड़ा चुनौतीपूर्ण मिशन, संवेदनशील झीलों पर बढ़ी चिंता
SHARE

Himalayan Glacier Lakes: हिमालयी राज्यों में जलवायु परिवर्तन का असर अब तेजी से दिखाई देने लगा है। उत्तराखंड समेत पूरे हिमालयी क्षेत्र में मौजूद ग्लेशियर और ग्लेशियर झीलें वैज्ञानिकों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में Glacier Lake Outburst Flood यानी GLOF का खतरा बढ़ सकता है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भारी तबाही मचने की आशंका है।

Contents
उत्तराखंड में 1200 से ज्यादा ग्लेशियर झीलेंNDMA की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंताग्राउंड बेस्ड सिस्टम की जरूरत क्यों?नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर के आंकड़ेGLOF बना सबसे बड़ा खतराफंड की कमी बनी बड़ी बाधावसुंधरा झील पर विशेष नजरसरकार ने तेज की तैयारी

फिलहाल देश की विभिन्न एजेंसियां सैटेलाइट तकनीक के जरिए Himalayan Glacier Lakes की निगरानी कर रही हैं, लेकिन वैज्ञानिक अब केवल सैटेलाइट डेटा पर निर्भर रहने के बजाय ग्राउंड बेस्ड सिस्टम विकसित करने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं। उनका मानना है कि रियल टाइम निगरानी और मजबूत Early Warning System ही भविष्य में संभावित आपदाओं से नुकसान कम कर सकता है।

उत्तराखंड में 1200 से ज्यादा ग्लेशियर झीलें

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ग्लेशियर झीलें मौजूद हैं। आंकड़ों के अनुसार राज्य में करीब 1200 ग्लेशियर झीलें हैं, जिनमें से 13 को संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इनमें पांच झीलें ऐसी हैं जिन्हें बेहद खतरनाक माना जा रहा है।

Read More: 1 मई से शुरू होगी आदि कैलाश यात्रा, सीमांत व्यापार भी पकड़ेगा रफ्तार

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इनमें से किसी झील का बांध टूटता है या उसमें अचानक पानी का दबाव बढ़ता है तो नीचे बसे गांवों और शहरों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इसी कारण Himalayan Glacier Lakes की लगातार निगरानी को अब राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकता माना जा रहा है।

NDMA की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

साल 2024 में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने हिमालयी क्षेत्रों में मौजूद ग्लेशियर झीलों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में उत्तराखंड की संवेदनशील झीलों को विशेष निगरानी में रखने की सिफारिश की गई थी।

रिपोर्ट में कहा गया था कि केवल सैटेलाइट इमेजरी पर्याप्त नहीं है और कई दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद Himalayan Glacier Lakes की निगरानी के लिए जमीनी स्तर पर उपकरण लगाने होंगे। हालांकि रिपोर्ट जारी होने के बाद भी निगरानी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया।

ग्राउंड बेस्ड सिस्टम की जरूरत क्यों?

वैज्ञानिकों के अनुसार सैटेलाइट डेटा समय-समय पर तस्वीरें और आंकड़े उपलब्ध कराता है, लेकिन यह हर पल की स्थिति नहीं बता सकता। हिमालय के कई दुर्गम इलाकों में मौसम तेजी से बदलता है और झीलों का आकार अचानक बढ़ सकता है।

इसी वजह से विशेषज्ञ अब ग्राउंड बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम पर जोर दे रहे हैं। इसमें सेंसर, अलार्म सिस्टम और रियल टाइम डेटा ट्रांसमिशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे Himalayan Glacier Lakes में होने वाले बदलावों की तुरंत जानकारी मिल सकेगी और समय रहते लोगों को अलर्ट किया जा सकेगा।

नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर के आंकड़े

हैदराबाद स्थित नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के अनुसार उत्तराखंड में 345 ऐसी ग्लेशियर झीलें हैं जिनका आकार 0.25 हेक्टेयर से अधिक है। इनमें अलग-अलग प्रकार की झीलें शामिल हैं।

Read More: केदारनाथ में उमड़ा आस्था का सैलाब, एक हफ्ते में 2 लाख पार पहुंचे श्रद्धालु, चारधाम यात्रा ने तोड़े रिकॉर्ड

आंकड़ों के मुताबिक 138 झीलें Moraine-dammed श्रेणी की हैं, जबकि 106 Ice-dammed झीलें हैं। इसके अलावा 89 Glacier Erosion श्रेणी की झीलें और 12 अन्य प्रकार की झीलें भी मौजूद हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि Moraine-dammed झीलें सबसे ज्यादा संवेदनशील मानी जाती हैं क्योंकि इनमें पत्थर और मिट्टी से बना प्राकृतिक बांध होता है जो भारी बारिश या बर्फ पिघलने से टूट सकता है।

GLOF बना सबसे बड़ा खतरा

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य हर साल प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हैं। बादल फटना, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ जैसी घटनाएं पहले भी बड़े नुकसान का कारण बन चुकी हैं। लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले समय में Glacier Lake Outburst Flood सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।

जब किसी ग्लेशियर झील का बांध टूटता है तो अचानक भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर बहता है। इससे नदियों में तेज बाढ़ आती है और रास्ते में आने वाले गांव, सड़कें और पुल बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार Himalayan Glacier Lakes की समय रहते पहचान और निगरानी ही ऐसी आपदाओं से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

फंड की कमी बनी बड़ी बाधा

वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक डॉ. विनीत कुमार गहलोत ने कहा कि पिछले साल संवेदनशील झीलों की निगरानी की योजना बनाई गई थी, लेकिन फंड आवंटित नहीं होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका।

उन्होंने कहा कि कई संस्थानों के बीच डेटा शेयरिंग भी एक बड़ी चुनौती है। अलग-अलग विभाग अपने डेटा को साझा करने में हिचकिचाते हैं, जिससे एकीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने में दिक्कत आती है।

Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

विशेषज्ञों का मानना है कि Himalayan Glacier Lakes की निगरानी के लिए सभी वैज्ञानिक संस्थानों और सरकारी एजेंसियों को एक साझा प्लेटफॉर्म पर काम करना होगा।

वसुंधरा झील पर विशेष नजर

वैज्ञानिकों ने चमोली जिले में स्थित वसुंधरा ग्लेशियर झील को बेहद संवेदनशील माना है। माना जा रहा है कि अगर इस झील में कोई बड़ा बदलाव होता है तो नीचे बसे इलाकों पर उसका असर पड़ सकता है। इसी वजह से इस क्षेत्र में ग्राउंड बेस्ड सेंसर लगाने और लगातार निगरानी करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

सरकार ने तेज की तैयारी

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार इस साल चार से पांच और झीलों का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। साथ ही कई राष्ट्रीय संस्थानों को भी इस काम में शामिल किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर को देखते हुए Himalayan Glacier Lakes की निगरानी अब सिर्फ वैज्ञानिक अध्ययन का विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह लाखों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।

पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking

You Might Also Like

Adi Kailash Yatra 2026: 1 मई से शुरू होगी आदि कैलाश यात्रा, सीमांत व्यापार भी पकड़ेगा रफ्तार

Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ में उमड़ा आस्था का सैलाब, एक हफ्ते में 2 लाख पार पहुंचे श्रद्धालु, चारधाम यात्रा ने तोड़े रिकॉर्ड

Heat Wave Action Plan लागू, स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ से लेकर अस्पतालों में स्पेशल वार्ड तक सरकार अलर्ट

Char Dham Yatra 2026: चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब! एक हफ्ते में 3.57 लाख श्रद्धालु पहुंचे, QR टेक्नोलॉजी बनी बड़ी मदद

Uttarakhand Reel Controversy: केदारनाथ धाम की मर्यादा भंग! पटाखों वाली रील पर FIR दर्ज

TAGGED:Climate Change HimalayaGlacier Lake Outburst Floodglacier monitoring systemGLOF RiskGLOF risk IndiaHimalayan DisasterHimalayan Glacier LakesNDMA ReportUttarakhand glacier lakesUttarakhand Glacier NewsWadia Institute
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Drishyam 3 Teaser:
बॉलीवुडमनोरंजन

Drishyam 3 Teaser: जॉर्जकुट्टी का नया गेम शुरू, 29 अप्रैल को धमाका करेंगे सुपरस्टार मोहनलाल!

Rupam Rupam 2026-04-27
Pahalgam Incident: हादसे के बाद बिखरा परिवार, पीड़ित पत्नी ने लगाई सीएम योगी से गुहार
LSG vs RR Score: लखनऊ पिच पर वैभव-जुरेल फ्लॉप, जडेजा ने बचाई लाज, अब क्या डिफेंड हो पाएंगे 159 रन?
E-Newspaper 23/04/2026
Bengal Elections 2026: खिदिरपुर रैली में ममता बनर्जी का तीखा वार, पुलिस, EVM और चुनावी सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?