Narmadapuram Development Projects: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16 अप्रैल को नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में विकास कार्यों (Narmadapuram Development Projects) की एक बड़ी श्रृंखला की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने 972.16 करोड़ रुपये की लागत से नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग के उन्नयन और पुनर्निर्माण का भूमिपूजन किया। करीब 72.18 किलोमीटर लंबी यह सड़क परियोजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है। इसके पूरा होने के बाद इंदौर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंच अधिक सुगम और तेज हो जाएगी, जिससे व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
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100 करोड़ से अधिक के 96 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 106.34 करोड़ रुपये की लागत से 96 विकास कार्यों का लोकार्पण (Narmadapuram Development Projects) और भूमिपूजन भी किया। इनमें 45 कार्य 48.65 करोड़ रुपये और 51 कार्य 57.69 करोड़ रुपये की लागत से जुड़े हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और ग्रामीण व शहरी दोनों स्तरों पर विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाना बताया गया है।
जनता का उत्साह, रोड शो में पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत
कार्यक्रम के दौरान सिवनी-मालवा क्षेत्र (Narmadapuram Development Projects) में माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा दिखाई दिया। मुख्यमंत्री के रोड शो के दौरान जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी जनता पर फूल बरसाकर अभिवादन स्वीकार किया, जिससे कार्यक्रम में एक आत्मीय और भावनात्मक माहौल बन गया। कार्यक्रम से पहले कन्या पूजन का आयोजन भी किया गया, जिसे राज्य सरकार की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं से जोड़कर देखा गया।
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नारी सशक्तिकरण और 33% आरक्षण पर सरकार का फोकस
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा। उन्होंने विपक्ष पर कई अहम फैसलों का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार लगातार महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में मजबूत स्थान देने के लिए काम कर रही है।
लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रमुख लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। अब तक इस योजना के तहत 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक लाभार्थी महिला को अब तक औसतन 40,500 रुपये से अधिक की सहायता मिल चुकी है और भविष्य में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये मासिक करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
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किसानों, शिक्षा और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में चल रही योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि गौशालाओं को अनुदान बढ़ाया गया है और किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गेहूं की खरीद प्रक्रिया जारी है और उड़द फसल पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। इसके अलावा नर्मदा नदी पर प्रस्तावित सिंचाई परियोजना से 40 गांवों के लगभग 10 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
सामाजिक योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्य योजनाओं में माता यशोदा योजना के तहत स्कूलों में बच्चों को दूध उपलब्ध कराना शामिल है। वहीं राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार रुपये का प्रोत्साहन दिया जाता है। इसके साथ ही एयर एम्बुलेंस और शव वाहन जैसी आपातकालीन सेवाओं का विस्तार भी किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जा सके।
कनेक्टिविटी से लेकर सामाजिक सुरक्षा तक व्यापक विकास मॉडल
सिवनी-मालवा में हुए इस कार्यक्रम को केवल सड़क परियोजना तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे मध्यप्रदेश के समग्र विकास मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। जहां एक ओर बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है।
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