Nari Shakti Vandan Panipat Conference: हरियाणा के पानीपत में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ (Nari Shakti Vandan Panipat Conference) में राज्य की महिला सशक्तिकरण यात्रा और भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया और महिलाओं की भूमिका को भारतीय संस्कृति और सामाजिक संरचना का मूल आधार बताया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को हमेशा सम्मान और शक्ति का प्रतीक माना गया है। वेदों से लेकर आधुनिक भारत तक महिलाओं की भूमिका निर्णायक रही है, और आज का समय उस भूमिका को और मजबूत करने का है।
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बेटी बचाओ से लेकर सामाजिक बदलाव तक
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में शुरू किए गए अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने विशेष रूप से हरियाणा के पानीपत से शुरू हुए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को एक सामाजिक क्रांति बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के बाद राज्य में लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है, जो पहले 871 था और अब बढ़कर 923 तक पहुंच चुका है। यह बदलाव समाज में महिलाओं के प्रति सोच में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाता है।
योजनाओं के जरिए सशक्तिकरण की दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल नारे नहीं, बल्कि ठोस योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को मजबूत बना रही है। पोषण अभियान, आंगनबाड़ी सेवाएं, महिला हेल्पलाइन और निर्भया फंड जैसी योजनाओं ने महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सकें और समाज में बराबरी के साथ आगे बढ़ सकें।
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पंचायत से संसद तक बढ़ता प्रतिनिधित्व
कार्यक्रम (Nari Shakti Vandan Panipat Conference) में यह भी रेखांकित किया गया कि हरियाणा ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया है। इससे ग्रामीण स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है और नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार हो रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यही सोच राष्ट्रीय स्तर पर भी आगे बढ़ रही है, जहां संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर जोर
सम्मेलन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अधिनियम 2029 तक लागू होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके लागू होने के बाद देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह कानून केवल आरक्षण का विषय नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को नीति निर्माण की मुख्य धारा में लाने का प्रयास है, जिससे देश के निर्णयों में उनकी आवाज और प्रभाव बढ़ेगा।
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सांस्कृतिक दृष्टि से महिला सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी केवल परिवार की धुरी नहीं, बल्कि समाज की दिशा तय करने वाली शक्ति है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को अवसर मिलता है, तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं और समाज को नई दिशा देती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार महिलाओं के लिए लगातार नई योजनाएं ला रही है, ताकि वे शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
बदलते हरियाणा की तस्वीर
पानीपत का यह सम्मेलन (Nari Shakti Vandan Panipat Conference) केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस बदलते हरियाणा की झलक था, जहां महिलाओं को केंद्र में रखकर विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। नीति, समाज और संस्कृति तीनों स्तरों पर महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने का प्रयास स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यह संदेश भी उभरकर सामने आया कि महिला सशक्तिकरण अब केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक व्यापक आंदोलन बन चुका है, जिसमें हरियाणा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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