Punjab Cabinet Decisions 2026: पंजाब सरकार ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जो राज्य के कानून व्यवस्था, ग्रामीण विकास और खेल क्षेत्र पर गहरा असर डालेंगे। इन फैसलों (Punjab Cabinet Decisions 2026) में धार्मिक मामलों से जुड़ा सख्त कानून, गांवों के बुनियादी ढांचे का विस्तार और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी शामिल है।
धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर सख्त कानून
कैबिनेट (Punjab Cabinet Decisions 2026) ने ‘श्री जगतगुरु ग्रंथ साहिब जी सत्कार (संशोधन) विधेयक’ 2026 को मंजूरी दे दी है, जिसे आगामी 13 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा (Harpal Singh Cheema) ने बताया कि इस विधेयक का उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों के सम्मान की रक्षा करना और बेअदबी जैसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। नए प्रावधानों के अनुसार, ऐसे मामलों में दोषियों को कम से कम 10 वर्ष की सजा और अधिकतम आजीवन कारावास (लाइफ इम्प्रिजनमेंट) तक की सजा दी जा सकेगी। इसके साथ ही आर्थिक दंड को भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक किया गया है।
जांच प्रक्रिया में भी सख्ती
सरकार ने यह भी तय किया है कि ऐसे मामलों की जांच अब केवल डीएसपी (डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) या उससे उच्च स्तर के अधिकारी ही करेंगे। इससे जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, मानसिक अस्थिरता का हवाला देकर बचाव करने की कोशिशों पर भी सख्ती से जांच की जाएगी ताकि कानून का दुरुपयोग न हो सके। विधेयक में परिभाषाओं को भी स्पष्ट किया गया है ताकि किसी भी तरह की कानूनी अस्पष्टता न रहे।
गांवों में रोशनी का बड़ा प्रोजेक्ट
कैबिनेट (Punjab Cabinet Decisions 2026) ने ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के 11,500 से अधिक गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत लगभग 3 लाख स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे प्रत्येक गांव में औसतन 27 लाइटें स्थापित होंगी। इसका उद्देश्य गांवों में रात के समय सुरक्षा बढ़ाना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
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खर्च और फंडिंग मॉडल में बदलाव
इस परियोजना की लागत में बड़ा बदलाव किया गया है। अब 70 प्रतिशत खर्च पंजाब सरकार वहन करेगी, जबकि 30 प्रतिशत योगदान ग्राम पंचायतों का होगा। कुल मिलाकर इस परियोजना पर लगभग 550 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें 380 करोड़ रुपये राज्य सरकार और 170 करोड़ रुपये पंचायतों द्वारा वहन किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल रोशनी बढ़ेगी बल्कि छोटे अपराधों में भी कमी आएगी।
पंजाब को पहली बार एशियन हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी
खेल क्षेत्र में भी पंजाब के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राज्य को पहली बार एशियन हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी का अवसर मिला है। इस आयोजन के लिए हॉकी इंडिया के साथ लगभग 11 करोड़ रुपये का समझौता किया जाएगा, जबकि पूरे टूर्नामेंट के आयोजन पर करीब 35.40 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जालंधर के प्रमुख हॉकी मैदानों में आयोजित किया जाएगा, जहां एशिया की शीर्ष टीमें भाग लेंगी।
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खेल विरासत को मिलेगा नया मंच
सरकार का मानना है कि इस आयोजन से पंजाब की समृद्ध खेल विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही युवाओं को हॉकी जैसे खेलों की ओर आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी। पंजाब हमेशा से ही भारतीय हॉकी का मजबूत केंद्र रहा है और यह आयोजन उस परंपरा को और मजबूती देगा।
पंजाब कैबिनेट के ये फैसले (Punjab Cabinet Decisions 2026) राज्य की नीतिगत दिशा को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। जहां एक ओर धार्मिक मामलों में सख्ती और सामाजिक संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी गई है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण विकास और खेलों को भी समान महत्व दिया गया है। ये निर्णय आने वाले समय में पंजाब की सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक तस्वीर को नया आकार दे सकते हैं।
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