Convocation Ceremony Sonipat: हरियाणा के दीनबंधू छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह (Convocation Ceremony Sonipat) इस बार केवल डिग्रियों के वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह युवाओं के भविष्य, जिम्मेदारी और सामाजिक बदलाव का एक सशक्त मंच बन गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की उपस्थिति ने इसे विशेष महत्व प्रदान किया।
युवाओं को मिला जिम्मेदारी का संदेश
अपने प्रेरणादायक संबोधन में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने छात्रों को डिग्री प्राप्ति पर बधाई देते हुए कहा कि असली सफलता केवल करियर में नहीं, बल्कि चरित्र और जिम्मेदारी में निहित होती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनें।
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छोटूराम के आदर्शों से प्रेरणा
समारोह (Convocation Ceremony Sonipat) में महान समाज सुधारक दीनबंधु चौधरी छोटू राम को विशेष रूप से याद किया गया। उपराष्ट्रपति ने उन्हें सामाजिक न्याय, किसान हित और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि छोटूराम के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और युवाओं को उनसे प्रेरणा लेकर समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए।
महिला सशक्तिकरण की मजबूत झलक
इस दीक्षांत समारोह (Convocation Ceremony Sonipat) की एक खास उपलब्धि रही महिलाओं की बढ़ती भागीदारी। स्वर्ण पदक विजेताओं में लगभग 64% महिलाएं रहीं, जबकि कुल पास आउट छात्रों में भी करीब 50% महिलाओं की हिस्सेदारी रही। इसे सरकार की योजनाओं और बदलती सामाजिक सोच का सकारात्मक संकेत माना गया।
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‘विकसित भारत’ और नई तकनीकों पर जोर
उपराष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश तेजी से नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।
नशा मुक्त समाज के लिए युवाओं से आह्वान
समारोह (Convocation Ceremony Sonipat) का सबसे संवेदनशील संदेश नशे के खिलाफ रहा। उपराष्ट्रपति ने युवाओं से अपील की कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहें, बल्कि समाज को भी इससे मुक्त करने के लिए जागरूकता फैलाएं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली ही सच्ची सफलता का आधार है।
मुख्यमंत्री का संबोधन – मेहनत का सम्मान
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने छात्रों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता उनके वर्षों के परिश्रम और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
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हरियाणा में शिक्षा और शोध को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा और शोध को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ‘हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष’ के तहत करोड़ों रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे नवाचार और शोध को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, एआई और डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में नए कॉलेज स्थापित करने की योजना भी चल रही है।
भविष्य के लिए तैयार हो रहे विद्यार्थी
मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि वे केवल नौकरी तक सीमित न रहें, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार करें। उन्होंने मानसिक, शारीरिक और नैतिक रूप से मजबूत बनने पर जोर दिया।
नई उड़ान की शुरुआत
यह दीक्षांत समारोह छात्रों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक बना, जहां उन्हें केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि जीवन के मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश मिला। समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भव्य बना दिया।
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