By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Bengal Elections 2026: क्या है 121 साल पुराना ‘लाल इश्तेहार’? जिसको लेकर बंगाल की राजनीति में मचा बवाल, जानिए
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > पश्चिम बंगाल > Bengal Elections 2026: क्या है 121 साल पुराना ‘लाल इश्तेहार’? जिसको लेकर बंगाल की राजनीति में मचा बवाल, जानिए
पश्चिम बंगाल

Bengal Elections 2026: क्या है 121 साल पुराना ‘लाल इश्तेहार’? जिसको लेकर बंगाल की राजनीति में मचा बवाल, जानिए

Rupam
Last updated: 2026-04-06 12:31 पूर्वाह्न
Rupam Published 2026-04-06
Share
Bengal Elections 2026:
Bengal Elections 2026: क्या है 121 साल पुराना ‘लाल इश्तेहार’?जिसको लेकर बंगाल की राजनीति में मचा बवाल, जानिए
SHARE

TMC Manifesto ishtehar Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राज्य में ‘भाषाई और ऐतिहासिक युद्ध’ छिड़ गया है। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा अपने चुनावी घोषणा पत्र का नाम ‘इश्तेहार’ रखे जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। भाजपा ने इसे महज एक शब्द नहीं, बल्कि 121 साल पुराने उस काले इतिहास से जोड़ा है जिसने बंगाल विभाजन के दौरान सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने का काम किया था। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने टीएमसी पर सीधा निशाना साधते हुए इसे ‘मुस्लिम तुष्टीकरण’ की पराकाष्ठा बताया है और सवाल किया है कि बांग्ला गौरव की बात करने वाली ममता सरकार ने बांग्ला के ‘घोषणा पत्र’ शब्द को त्याग कर फारसी-उर्दू शब्द का चुनाव क्यों किया?

Contents
क्या है 1905 का ‘लाल इश्तेहार’बांग्ला या फारसी?‘इश्तेहार’ तो आम बोलचाल का शब्द हैमुद्दों से ज्यादा पहचान की लड़ाई?

इस विवाद ने 1905 के उस ‘लाल इश्तेहार’ (Red Pamphlet) की यादें ताजा कर दी हैं, जिसने बंगाल की धरती पर सांप्रदायिक विभाजन की नींव रखने की कोशिश की थी। भाजपा का आरोप है कि टीएमसी जानबूझकर बंगाल की मूल संस्कृति और भाषा में बाहरी शब्दों का अतिक्रमण कर रही है ताकि एक विशेष वोट बैंक को साधा जा सके। वहीं, दूसरी ओर टीएमसी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इसे भाजपा की ध्रुवीकरण की राजनीति करार दिया है। बंगाल की सियासत में छिड़ा यह ‘शब्द-युद्ध’ अब चुनावी रैलियों से लेकर सोशल मीडिया तक मुख्य चर्चा का विषय बन गया है। (TMC Manifesto ishtehar Controversy)

क्या है 1905 का ‘लाल इश्तेहार’

इतिहास के पन्नों में झांकें तो 1905 से 1907 के बीच का कालखंड बंगाल के लिए अत्यंत पीड़ादायक था। लॉर्ड कर्जन के बंगाल विभाजन के फैसले के बाद जब पूरा राज्य ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूंज रहा था, तब ‘लाल इश्तेहार’ (Red Pamphlet) नाम का एक विवादित दस्तावेज सामने आया था। इब्राहिम खान द्वारा रचित और ढाका के नवाब के प्रभाव वाले क्षेत्रों में वितरित इस ‘इश्तेहार’ का मुख्य उद्देश्य मुस्लिम समुदाय को स्वदेशी आंदोलन के खिलाफ भड़काना और हिंदुओं के प्रति विद्वेष पैदा करना था। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी का दावा है कि ‘इश्तेहार’ शब्द का ऐतिहासिक संदर्भ ही विभाजनकारी रहा है। (TMC Manifesto ishtehar Controversy)

TMC Manifesto ishtehar Controversy
TMC Manifesto ishtehar Controversy

पढ़े ताजा अपडेट:  Hindi News, Today Hindi News, Breaking News

बांग्ला या फारसी?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने टीएमसी की भाषाई पहचान पर सवाल उठाते हुए पूछा, ‘क्या ‘इश्तेहार’ बांग्ला भाषा का शब्द है?’ उन्होंने तर्क दिया कि बांग्ला में घोषणा पत्र को आमतौर पर ‘घोषणा पत्र’ या ‘संकल्प पत्र’ कहा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह 1905 में नवाबों ने तुष्टीकरण के जरिए बंगाल को तोड़ने की कोशिश की थी, टीएमसी उसी ‘मिनी पाकिस्तान’ वाली मानसिकता पर चल रही है। भाजपा का मानना है कि प्रशासनिक कार्यों में उर्दू और फारसी शब्दों का बढ़ता उपयोग बंगाल की मूल संस्कृति के साथ खिलवाड़ है। (TMC Manifesto ishtehar Controversy)

‘इश्तेहार’ तो आम बोलचाल का शब्द है

भाजपा के तीखे हमलों के बीच टीएमसी नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा है कि ‘इश्तेहार’ शब्द दशकों से बांग्ला बोलचाल और साहित्य का हिस्सा रहा है। इसका उपयोग नोटिस, विज्ञापन या घोषणा के संदर्भ में आम तौर पर किया जाता है। टीएमसी का तर्क है कि भाजपा के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है, इसलिए वे डिक्शनरी और इतिहास के मुर्दों को उखाड़कर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। (TMC Manifesto ishtehar Controversy)

Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

मुद्दों से ज्यादा पहचान की लड़ाई?

जैसे-जैसे 2026 के चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बंगाल की राजनीति में विकास और रोजगार जैसे मुद्दों की जगह भाषाई पहचान और ऐतिहासिक विवाद लेते जा रहे हैं। ‘इश्तेहार’ शब्द पर मचा यह बवाल साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में ध्रुवीकरण की राजनीति और तेज होगी। भाजपा जहां इसे ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ बनाम ‘तुष्टीकरण’ की लड़ाई बता रही है, वहीं ममता बनर्जी इसे ‘बंगाली अस्मिता’ पर बाहरी लोगों के हमले के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही हैं। (TMC Manifesto ishtehar Controversy)

You Might Also Like

West Bengal Public Property Law: तोड़फोड़ पर अब भारी पड़ेगी कीमत, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से तीन गुना वसूली, नहीं चुकाई रकम तो होगी नीलामी

‘क्या मैं मर गई हूं?’ बागियों पर भड़कीं ममता बनर्जी, खुद संभाली TMC की कमान

Mahua Moitra Office Attack Egg: महुआ मोइत्रा के ऑफिस पर अंडे और सब्जियां फेंके जाने का आरोप, TMC-बीजेपी में तनाव तेज

Mamata Banerjee को चेयरमैन पद से हटाया गया, अभिषेक बनर्जी भी सस्पेंड

International Yoga Day 2026: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलकाता के रेड रोड पर योग का महासंगम, PM मोदी ने किया नेतृत्व

TAGGED:Lal Ishtehar 1905Mamata Banerjee vs BJPSudhanshu TrivediTMC Manifesto IshteharWest Bengal Elections 2026
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Ravneet Singh Bittu CM Face 2027: Ravneet Singh Bittu addressing a public gathering as BJP leader ahead of Punjab Assembly Election 2027.
पंजाबराजनीति

Punjab Election 2027: पंजाब में BJP का नया दांव! क्या रवनीत सिंह बिट्टू होंगे CM फेस?

ShreeJi ShreeJi 2026-06-30
Panchak July 2026: जुलाई में लगने जा रहा है मृत्यु पंचक, जानिए कब से कब तक रहेगा और किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
FIFA World Cup 2026: मोरक्को ने दिखाई दमदार वापसी, नीदरलैंड्स का विश्व कप अभियान हुआ समाप्त!
NEET JEE Admission: नीट-जी के साथ अब 12वीं बोर्ड के नंबर भी होंगे अहम? एडमिशन प्रक्रिया में बड़े बदलाव की तैयारी
Yogi Adityanath in Saharanpur: CM योगी आदित्यनाथ सहारनपुर पहुंचे, विकास परियोजनाओं की दी बड़ी सौगात!
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?