IndiGo Fuel Surcharge Hike: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच बड़ा फैसला लेते हुए IndiGo Fuel Surcharge Hike की घोषणा की है। एयरलाइन ने साफ किया है कि 2 अप्रैल 2026 से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर संशोधित ईंधन शुल्क लागू किया जाएगा, जिससे यात्रियों के हवाई किराए में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
कितना बढ़ेगा ईंधन शुल्क?
एयरलाइन के अनुसार, IndiGo Fuel Surcharge Hike के तहत घरेलू उड़ानों पर ईंधन शुल्क 275 रुपये से लेकर 950 रुपये तक होगा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह शुल्क दूरी के आधार पर 900 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक तय किया गया है। यह नया संशोधित शुल्क 2 अप्रैल की रात 12:01 बजे से लागू होगा। यानी इस तारीख के बाद बुक होने वाले सभी टिकटों पर यात्रियों को अधिक भुगतान करना होगा।
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पहले से ही लागू था अतिरिक्त शुल्क
गौरतलब है कि IndiGo Fuel Surcharge Hike से पहले भी एयरलाइन 14 मार्च से ईंधन शुल्क वसूल रही थी। उस समय घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 425 रुपये से 2,300 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा था।
अब नई दरों के लागू होने के बाद किराए में और वृद्धि देखने को मिलेगी, जिससे आम यात्रियों के बजट पर असर पड़ सकता है।
क्यों बढ़ाया गया ईंधन शुल्क?
एयरलाइन के मुताबिक, विमान ईंधन यानी ATF (Aviation Turbine Fuel) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी IndiGo Fuel Surcharge Hike का मुख्य कारण है। हाल ही में सरकार द्वारा घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की आंशिक वृद्धि की गई है।
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इसके अलावा पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव ने भी वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों को प्रभावित किया है। इसका सीधा असर एयरलाइंस की परिचालन लागत पर पड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ज्यादा असर
एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर ATF की कीमतें पिछले एक महीने में दोगुनी से भी अधिक हो गई हैं। ऐसे में IndiGo Fuel Surcharge Hike का सबसे ज्यादा असर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर पड़ेगा।
लंबी दूरी की उड़ानों में ईंधन लागत ज्यादा होने के कारण किराए में भारी वृद्धि की संभावना है, जिससे विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
यात्रियों पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि IndiGo Fuel Surcharge Hike का सीधा असर हवाई यात्रा की मांग पर भी पड़ सकता है। खासकर उन यात्रियों पर इसका असर अधिक होगा, जो नियमित रूप से उड़ान भरते हैं।
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घरेलू यात्रियों के लिए जहां किराया थोड़ा बढ़ेगा, वहीं अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए यह बढ़ोतरी काफी ज्यादा महसूस हो सकती है। इससे ट्रैवल इंडस्ट्री में भी कुछ समय के लिए धीमापन आ सकता है।
एयरलाइन इंडस्ट्री पर बढ़ता दबाव
पिछले कुछ समय से एयरलाइन इंडस्ट्री लगातार बढ़ती लागत का सामना कर रही है। ईंधन की कीमतों में उछाल, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और ऑपरेशनल खर्चों में वृद्धि ने एयरलाइंस पर दबाव बढ़ा दिया है।
ऐसे में IndiGo Fuel Surcharge Hike को लागत संतुलन बनाए रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। अन्य एयरलाइंस भी आने वाले समय में इसी तरह के कदम उठा सकती हैं।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं किराए?
अगर वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो विशेषज्ञों का मानना है कि IndiGo Fuel Surcharge Hike के बाद भी किराए में और वृद्धि हो सकती है। हालांकि, यदि स्थिति में सुधार होता है, तो भविष्य में राहत मिलने की भी संभावना बनी रहेगी।
कुल मिलाकर, IndiGo Fuel Surcharge Hike ने हवाई यात्रा को महंगा बना दिया है। 2 अप्रैल से लागू होने वाले इस फैसले का असर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों यात्रियों पर पड़ेगा। बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच एयरलाइंस के लिए यह कदम जरूरी हो गया था, लेकिन यात्रियों के लिए यह निश्चित रूप से अतिरिक्त खर्च का कारण बनेगा।
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