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ट्रंप का दावा या ‘अप्रैल फूल’? ईरान ने सीजफायर की गुजारिश को बताया सफेद झूठ, तेहरान से आया करारा जवाब

Rupam
Last updated: 2026-04-01 9:58 अपराह्न
Rupam Published 2026-04-01
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Trump
ट्रंप का दावा या 'अप्रैल फूल'? ईरान ने सीजफायर की गुजारिश को बताया सफेद झूठ, तेहरान से आया करारा जवाब
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Trump vs Iran: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक चौंकाने वाला दावा किया कि ईरान की ‘नई सत्ता’ ने उनसे युद्धविराम (सीजफायर) के लिए गुजारिश की है। हालांकि, ट्रंप के इस दावे को तेहरान ने सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से ‘आधारहीन और झूठा’ करार दिया है। इस टकराव ने मिडिल ईस्ट की पहले से ही संवेदनशील स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है।

Contents
‘नई सत्ता’ ने मांगी शांति की भीख?ईरान का जवाब: ‘धमकाने के लहजे में बात न करें’सहयोगियों ने छोड़ा अमेरिका का साथ!क्या परमाणु शक्ति बनने की राह पर है ईरान?

ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर तीखा तंज कसते हुए इसे ‘अप्रैल फूल’ करार दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय और मुंबई स्थित ईरानी कांसुलेट जनरल ने स्पष्ट किया कि देश के नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं हुआ है और मसूद पेजेशकियन ही राष्ट्रपति पद पर बने हुए हैं। ईरान का कहना है कि ट्रंप महज ट्वीट के जरिए किसी देश की सरकार नहीं बदल सकते। इस कड़े रुख से साफ है कि ईरान न तो दबाव में झुकने को तैयार है और न ही वह ट्रंप की राजनीतिक बयानबाजी को स्वीकार कर रहा है। (Trump vs Iran)

‘नई सत्ता’ ने मांगी शांति की भीख?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में संकेत दिया था कि ईरान में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट है और वहां के नए नेतृत्व ने उनसे शांति की अपील की है। ट्रंप ने यहां तक शर्त रखी कि यदि ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से व्यापार के लिए पूरी तरह खोल देता है, तो अमेरिका सीजफायर के प्रस्ताव पर विचार कर सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि ईरान में किसी भी तरह के नेतृत्व परिवर्तन की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे ट्रंप के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। (Trump vs Iran)

read also: CM Dhami at Bhagwat Katha: सीएम धामी ने भागवत कथा में लिया भाग, देवकीनंदन ठाकुर को बताया समर्पण का प्रतीक

ईरान का जवाब: ‘धमकाने के लहजे में बात न करें’

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि उनका देश किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। अरागची ने कड़े शब्दों में कहा, ‘किसी भी देश को ईरान की जनता से धमकाने के लहजे में बात नहीं करनी चाहिए।’ ईरान की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि ट्रंप का यह दावा कि अमेरिकी कार्रवाई से ईरान की परमाणु क्षमता कमजोर हो गई है, केवल एक भ्रम है। (Trump vs Iran)

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सहयोगियों ने छोड़ा अमेरिका का साथ!

इस पूरे घटनाक्रम में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और स्पेन जैसे अमेरिका के प्रमुख सहयोगी देशों ने इस युद्ध में वाशिंगटन का साथ देने से इनकार कर दिया है। इस पर ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन देशों को तेल संकट का डर सता रहा है, वे या तो अमेरिका से तेल खरीदें या फिर खुद ‘हिम्मत दिखाकर’ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से अपना माल लेकर आएं। (Trump vs Iran)

पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking

क्या परमाणु शक्ति बनने की राह पर है ईरान?

ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अब परमाणु शक्ति बनने की स्थिति में नहीं है और उसकी कमर टूट चुकी है। इसके विपरीत, ईरान अपनी सैन्य तैयारियों और संप्रभुता को लेकर अडिग नजर आ रहा है। फिलहाल, युद्ध खत्म होने की कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है, लेकिन दोनों महाशक्तियों के बीच बढ़ता यह गतिरोध दुनिया को एक नए ऊर्जा संकट की ओर धकेल सकता है। (Trump vs Iran)

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