Garhwal University Convocation 2026: श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित Garhwal University Convocation 2026 ने एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता और उपलब्धियों का शानदार उदाहरण पेश किया। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में छात्रों की मेहनत, लगन और उपलब्धियों को सम्मानित किया गया।
इस भव्य आयोजन की अध्यक्षता कुलाधिपति डॉ. योगेन्द्र नारायण ने की, जबकि कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया।
स्वर्ण पदकों और उपाधियों की बरसात
Garhwal University Convocation 2026 के दौरान 105 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इनमें 50 विद्यार्थी सत्र 2022-24 और 55 छात्र सत्र 2023-25 से संबंधित रहे।
इसके अलावा, 177 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। दोनों सत्रों को मिलाकर कुल 319 शोधार्थियों ने अपनी डॉक्टरेट पूरी की। वहीं, 6806 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं, जो इस समारोह को और भी विशेष बनाती हैं।
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विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर गर्व
कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विश्वविद्यालय के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि Garhwal University Convocation 2026 केवल एक समारोह नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने के लिए और अधिक ऊर्जा और नवाचार के साथ कार्य करना होगा। सरकार इस दिशा में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।
संस्कृति और परंपरा को मिला बढ़ावा
दीक्षांत समारोह में पारंपरिक वेशभूषा को अपनाने की पहल को भी विशेष सराहना मिली। मंत्री ने इसे एक सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे छात्रों में अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा।
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Garhwal University Convocation 2026 में आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को भी समान महत्व दिया गया, जो इसे अन्य समारोहों से अलग बनाता है।
कुलपति का प्रेरणादायक संदेश
कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने समारोह में सभी अतिथियों और छात्रों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि Garhwal University Convocation 2026 केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है।
उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि डिग्री सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि उनकी मेहनत और क्षमता का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने भविष्य को इस तरह संवारें कि उनके परिवार, शिक्षक और विश्वविद्यालय को उन पर गर्व हो।
कुलाधिपति का संदेश: भविष्य की ओर बढ़ें
कुलाधिपति डॉ. योगेन्द्र नारायण ने अपने संबोधन में छात्रों को अतीत के ज्ञान और वर्तमान की आधुनिक तकनीकों का संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ने की सलाह दी।
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उन्होंने कहा कि Garhwal University Convocation 2026 के मंच से निकलने वाले छात्र-छात्राओं को नवाचार, अनुसंधान और विकास के नए आयामों की ओर कदम बढ़ाना चाहिए।
नई शुरुआत का प्रतीक बना समारोह
यह दीक्षांत समारोह छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। यहां उन्हें न केवल उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा भी दी गई।
Garhwal University Convocation 2026 ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र निर्माण की नींव भी है।
कुल मिलाकर, Garhwal University Convocation 2026 एक भव्य और प्रेरणादायक आयोजन रहा, जिसने छात्रों को नई दिशा और ऊर्जा दी। स्वर्ण पदक, पीएचडी उपाधियां और सांस्कृतिक मूल्यों का संगम इस समारोह को यादगार बना गया।
अब इन छात्रों के सामने नई जिम्मेदारियां हैं, और उम्मीद की जा रही है कि वे अपने ज्ञान और कौशल से देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
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