Mastermind Of The 50: कलर्स टीवी और जियो हॉटस्टार का रियलिटी शो ‘The 50’ अपने रोमांचक अंजाम तक पहुंच चुका है। हर तरफ शिव ठाकरे की जीत के चर्चे और उनके फैंस का जश्न दिखाई दे रहा है, लेकिन इस शोर के बीच एक ऐसा नाम है जिसकी जादुई रणनीतियों ने इस पूरे शो को सांस रोक देने वाला मोड़ दिया। वह नाम है प्रिंस नरूला। यूं तो प्रिंस खुद इस बार शो की ट्रॉफी अपने हाथ में नहीं उठा पाए, लेकिन शो के पहले दिन से लेकर ग्रैंड फिनाले की आखिरी सेकंड तक, गेम का रिमोट कंट्रोल उन्हीं के हाथ में था। हकीकत तो यह है कि शिव ठाकरे की जीत के पीछे जिस ‘मास्टरमाइंड’ का दिमाग काम कर रहा था, वो प्रिंस नरूला ही थे।
रियलिटी शोज की दुनिया में एक कहावत पत्थर की लकीर मानी जाती है ‘शो कोई भी हो, अंत में जीतता प्रिंस नरूला ही है।’ रोडीज, स्प्लिट्सविला, बिग बॉस और नच बलिए जैसे बड़े शोज जीतकर अपनी अजेय लेगेसी बनाने वाले प्रिंस ने ‘द 50’ में दर्शकों को अपना एक अलग ही रूप दिखाया। यहां उन्होंने खुद को एक खिलाड़ी से ऊपर उठाकर एक ‘किंग मेकर’ के रूप में स्थापित किया। उन्होंने अपनी अजेय लेगेसी को दांव पर लगाकर खुद को गेम से बाहर कर लिया, ताकि वह अपने पसंदीदा खिलाड़ी के सिर पर जीत का ताज सजा सकें। (Mastermind Of The 50)
प्रिंस की ‘शेरनियों’ का पराक्रम
‘द 50’ की शुरुआत से ही दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच जंग छिड़ गई थी। एक तरफ रजत दलाल की टीम थी, जिसका पूरा फोकस केवल शारीरिक बल और लड़कों को मौका देने पर था। रजत का मानना था कि भारी-भरकम टास्क केवल पुरुष खिलाड़ी ही कर सकते हैं। वहीं प्रिंस नरूला ने जेंडर के भेदभाव को किनारे रखकर अपनी टीम की लड़कियों पर बड़ा दांव खेला। प्रिंस की इसी लीडरशिप का नतीजा था कि कृष्णा श्रॉफ जैसी खिलाड़ियों ने मैदान पर बड़े-बड़े सूरमाओं के पसीने छुड़ा दिए। कृष्णा का वह टास्क आज भी फैंस के जेहन में ताजा है, जब उन्होंने कटारिया जैसे खिलाड़ी को धूल चटाते हुए अपने पाले में खींच लिया था। (Mastermind Of The 50)
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विरोधियों की साजिश और प्रिंस का ‘धुरंधर’ अवतार
प्रिंस की बढ़ती ताकत से विरोधी खेमा, विशेषकर रजत दलाल और फैसल शेख (मिस्टर फैसू), खौफ में थे। उन्हें पता था कि अगर प्रिंस की ‘कोर टीम’ फिनाले तक पहुंच गई, तो किसी और की जीत मुमकिन नहीं होगी। इसी डर के चलते एक सोची-समझी रणनीति के तहत प्रिंस के मजबूत स्तंभों युविका चौधरी, हामिद, सि्वेत तोमर और आरुषि चावला को निशाना बनाकर बाहर किया गया। लेकिन प्रिंस टूटे नहीं, बल्कि वह फिल्म ‘धुरंधर’ के हमजा (रणवीर सिंह) की तरह और भी घातक हो गए। घायल प्रिंस ने अपने दिमाग का इस्तेमाल कर अपनी टीम के तीन जांबाजों को फिनाले तक पहुंचाया। (Mastermind Of The 50)
दोस्ती या मास्टरस्ट्रोक?
आपको बता दें कि प्रिंस नरूला के करियर का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने अपनी मर्जी से ‘टिकट टू फिनाले’ शिव ठाकरे को सौंप दिया। जो इंसान आज तक कोई रियलिटी शो नहीं हारा, उसने खुद कदम पीछे खींच लिए। यह केवल दोस्ती नहीं, बल्कि एक गहरी रणनीति थी। प्रिंस ने अनुभव और जनता के प्यार के बावजूद खुद को पीछे रखा ताकि गेम का संतुलन बना रहे। उन्होंने अपनी अजेय पारी का अंत खुद अपनी शर्तों पर किया, जो उन्हें एक महान रणनीतिकार बनाता है। (Mastermind Of The 50)

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फिनाले की ‘साइकोलॉजिकल वॉर’ और फैसू की चूकट
ग्रैंड फिनाले के आखिरी पलों में प्रिंस नरूला का दिमाग किसी सुपर कंप्यूटर की तरह चल रहा था। जब शिव ठाकरे और मिस्टर फैसू के बीच कांटे की टक्कर थी, तब प्रिंस एक कोच की भूमिका में नजर आए। वह जानते थे कि टाइम-बेस्ड टास्क में फैसू का पलड़ा भारी हो सकता है। यहीं प्रिंस ने अपनी ‘डिस्ट्रैक्शन’ वाली चाल चली। उन्होंने फैसू का ध्यान भटकाने की ऐसी कोशिशें कीं कि फैसू का फोकस एक सेकंड के लिए डगमगा गया। वही एक सेकंड की चूक शिव की जीत का कारण बनी और ट्रॉफी शिव के नाम हो गई। (Mastermind Of The 50)
Mastermind Of The 50- हारकर भी बने ‘किंग मेकर’
भले ही आधिकारिक तौर पर ट्रॉफी शिव ठाकरे के पास है, लेकिन इस पूरे शो की असली जान प्रिंस नरूला ही रहे। फिनाले के बाद प्रिंस की पूरी टीम का एक साथ जश्न मनाना उनकी लीडरशिप का सबसे बड़ा प्रमाण है। प्रिंस ने ‘द 50’ में एक नया बेंचमार्क सेट किया है। उन्होंने साबित कर दिया कि असली सुल्तान वह नहीं होता जो सिर्फ खुद की जीत की फिक्र करे, बल्कि वह होता है जो दूसरों को जीतना सिखा दे। (Mastermind Of The 50)



