Delhi Budget Session 2026: दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र इस बार एक अनोखे और पारंपरिक अंदाज़ में शुरू हुआ। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘खीर सेरेमनी’ के साथ सत्र का आगाज करते हुए न सिर्फ परंपरा को जीवित रखा, बल्कि इसे जनभागीदारी और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक भी बताया। यह पहल अब धीरे-धीरे दिल्ली की वित्तीय कार्यवाही का एक खास हिस्सा बनती जा रही है।
खीर सेरेमनी: परंपरा और प्रशासन का संगम
‘खीर रस्म’ की शुरुआत पिछले साल की गई थी, जिसका उद्देश्य बजट प्रक्रिया (Delhi Budget Session 2026) को एक सकारात्मक और सामूहिक भावना से जोड़ना है। इस रस्म के तहत पारंपरिक भारतीय मिठाई खीर बनाई जाती है, जिसे भगवान को अर्पित करने के बाद बजट तैयार करने वाली टीम और आम जनता में वितरित किया जाता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि सरकार की सोच को दर्शाने वाला प्रतीक है जहां विकास के साथ संस्कृति और आस्था का संतुलन बना रहे।
Read More: अप्रैल से बढ़ सकते हैं बिजली के दाम, सरकार सब्सिडी से दे सकती है राहत
जनभागीदारी से तैयार हो रहा बजट 2026-27
इस बार का बजट (Delhi Budget Session 2026) सिर्फ सरकारी आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे तैयार करने में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में गिग वर्कर्स, किसानों, ग्रामीण प्रतिनिधियों और श्रमिक संगठनों के साथ कई दौर की बैठकें कीं। उन्होंने स्पष्ट कहा, ‘जनभागीदारी एक विकसित दिल्ली की सबसे बड़ी ताकत है। हमारा लक्ष्य ऐसा बजट पेश करना है, जो हर वर्ग की उम्मीदों को प्रतिबिंबित करे।’ यह दृष्टिकोण बताता है कि सरकार अब बजट को केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन का माध्यम बना रही है।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking
शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि – इतिहास से प्रेरणा
बजट सत्र (Delhi Budget Session 2026) के पहले दिन दिल्ली विधानसभा सचिवालय में शहीद दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, मंत्रिपरिषद के सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए शहीदों के बलिदान को याद किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह दिन हमें स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की याद दिलाता है। उन्होंने इस ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख भी किया कि इसी स्थान से जुड़ा वह दौर था, जब इन क्रांतिकारियों पर मुकदमा चलाया गया था।

विकास और छवि सुधार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बजट 2026-27 उनकी सरकार का दूसरा बजट होगा और इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली के विकास को नई गति देना है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर भी केंद्रित रहेगा। सरकार का लक्ष्य राजधानी की एक सकारात्मक और प्रगतिशील छवि प्रस्तुत करना है, जो निवेश, रोजगार और सामाजिक विकास को बढ़ावा दे।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
नई परंपरा, नई दिशा
‘खीर सेरेमनी’ जैसे प्रतीकात्मक कदम यह संकेत देते हैं कि सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक मानवीय और सांस्कृतिक रूप देने की कोशिश कर रही है। इससे आम जनता का भावनात्मक जुड़ाव भी बढ़ता है और शासन अधिक सहभागी बनता है। दिल्ली का यह बजट सत्र सिर्फ आर्थिक योजनाओं का खाका नहीं, बल्कि परंपरा, सहभागिता और विकास के संतुलन का उदाहरण बनकर सामने आ रहा है।
Also Read: दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार, 300 नई ईवी बसें लॉन्च, प्रदूषण कम करने की बड़ी पहल



