Delhi Assembly Budget Session: दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को एक अनोखे अंदाज में शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस सत्र में ‘खीर समारोह’ में शामिल होंगी। इस समारोह में पारंपरिक भारतीय व्यंजन खीर को भगवान राम को अर्पित किया जाएगा और बाद में इसे बजट (Delhi Assembly Budget Session) तैयार करने वाले अधिकारियों और आम जनता के बीच वितरित किया जाएगा। पिछले वर्ष भी मुख्यमंत्री ने इसी प्रकार का समारोह आयोजित किया था, जिसे शहर में बजट की शुरुआत के तौर पर पहली बार माना गया।
विपक्ष का चेतावनी भरा रुख
वहीं, विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) ने सत्र में शामिल न होने की चेतावनी दी है। AAP की नेता आतिशी ने स्पष्ट किया कि यदि विधानसभा अध्यक्ष ने उनके चार निलंबित विधायकों का निलंबन वापस नहीं किया, तो पार्टी सत्र का बहिष्कार करेगी।
निलंबित विधायकों का मामला
जनवरी में चार AAP विधायकों – संजीव झा, जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार और सोमदत्त को विधानसभा कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, उनका निलंबन अब भी प्रभाव में है क्योंकि पिछला सत्र स्थगित नहीं हुआ था। AAP विधायकों का निलंबन पूरे बजट सत्र (Delhi Assembly Budget Session) तक लागू रहेगा और औपचारिक स्थगन के बाद ही इसे वापस किया जा सकेगा।
विधायकों के पक्ष में पत्र
आतिशी ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को लिखे पत्र में कहा कि AAP विधायकों के निलंबन ने लोकतांत्रिक मूल्यों और विधायी प्रक्रियाओं के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है। उन्होंने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि इस मामले पर ध्यान दें और सुनिश्चित करें कि विधानसभा अपनी पारंपरिक विधायी प्रथाओं के अनुसार कार्य करे।
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मुख्यमंत्री का बजट पेश करना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 24 मार्च को अपना दूसरा वार्षिक बजट प्रस्तुत करेंगी। वे खुद वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। पिछले वर्ष उनके पहले बजट (Delhi Assembly Budget Session) में दिल्ली के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान पेश किया गया था। इस वर्ष के बजट को लेकर उम्मीद है कि मुख्यमंत्री विभिन्न सामाजिक और आर्थिक सुधारों को ध्यान में रखते हुए प्रावधान पेश करेंगी।
खीर समारोह – पारंपरिक रीति और आधुनिक राजनीति का संगम
खीर समारोह को न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि इसे सरकार और जनता के बीच संवाद का माध्यम भी माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष कहा था कि ‘बजट की शुरुआत खीर की मिठास के साथ हो रही है, इसे भगवान राम को अर्पित किया गया और अब इसे उन लोगों में बांटा जाएगा जिन्होंने सुझाव दिए हैं।’ इस समारोह का उद्देश्य न केवल परंपरा निभाना है, बल्कि नागरिकों को सरकारी नीतियों में भागीदारी का अनुभव देना भी माना जा रहा है।
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राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और सत्र की संवेदनशीलता
विपक्षी दल का बहिष्कार और विधायकों का निलंबन इस बजट सत्र को सामान्य सत्र (Delhi Assembly Budget Session) से अलग बना देता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AAP का रुख सत्र में संभावित तनाव को बढ़ा सकता है। वहीं, सरकार इस समारोह और बजट प्रस्तुति के माध्यम से अपनी उपलब्धियों और पारदर्शिता को जनता के सामने पेश करना चाहती है।
आगे की संभावनाएं
24 मार्च को बजट पेश होने के बाद यह देखा जाएगा कि विपक्ष सत्र में शामिल होता है या नहीं। AAP का बहिष्कार सत्र की कार्यवाही और राजनीतिक बहसों को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, खीर समारोह जैसी पहल से सरकार का जनता और संस्कृति के साथ संवाद बढ़ाने का संदेश भी जाएगा।
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